बरेली। खतौनी में फर्जीवाड़ा कर नवाबगंज में सौ बीघा जमीन की मिल्कियत बदल दिए जाने वाले मामले जैसी गड़बड़ी आर्य समाज अनाथालय की जमीन के बैनामे में तो नहीं की गई है। अनाथालय प्रबंधन की शिकायत के बाद पूर्व में सिटी मजिस्ट्रेट रहे अशोक कुमार शुक्ला ने इस प्रकरण की जांच में इस खतौनी के फर्जीवाड़े की हकीकत जानने के लिए रजिस्ट्री विभाग से रिकॉर्ड तो मंगवाया लेकिन अपनी रिपोर्ट में इस बिंदु का कोई उल्लेख नहीं किया। साथ ही वह कब्जा करने की कोशिश करने वाले को भी क्लीन चिट भी दे गए। अनाथालय प्रबंधन के असंतुष्ट रहने और इसकी लिखित आपत्ति देने के बाद डीएम ने मामले की फिर से नए सिरे से जांच शुरू करा दी है।
हाल में एक बार फिर आर्य समाज अनाथालय की 8694 गज जमीन के स्वामित्व का विवाद शुरू हुआ है। वर्ष 2018 में अनाथालय की इस विवादित जमीन पर कब्जा करने की कोशिश हुई थी, जिसे प्रशासन ने रुकवा दिया था। करीब सालभर बाद कुछ समय पहले इस पर फिर दीवार खड़ी कर कब्जा करने की कोशिश हुई तो फिर से हड़कंप मच गया। अनाथालय की शिकायत पर डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने पूर्व में सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला को इसकी जांच दी थी। उन्होंने इस जांच के नाम पर केवल लीपापोती कर दी। मामले में बैनामा देखकर उसके मालिकाना हक के बारे में पता करना था लेकिन जांच रिपोर्ट में उन्होंने इसका कोई जिक्र ही नहीं किया।
जमीन के स्वामित्व को लेकर सामने आई गंभीर गड़बड़ी
अनाथालय की बेशकीमती जमीन को लेकर एक पक्ष ने यह दावा किया है कि उसने वर्ष 1972 में जमीन के मालिक मुंशी मुन्नाजान से इसकी रजिस्ट्री कराई थी। मामले की जांच शुरू हुई तो कई संदिग्ध तथ्य सामने आए। जबकि अनाथालय प्रबंधन का कहना है कि उसने यह जमीन मुंशी मुन्नाजान से काफी पहले वर्ष 1927 में खरीदी थी। उसके पास इस संपत्ति का बैनामा भी है। पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला की जांच में यह सामने आया था कि मुंशी मुन्नाजान की पत्नी ने वर्ष 1952 में एक दूसरी संपत्ति का बैनामा किया था। इसमें उन्होंने खुद को बेवा होने का जिक्र किया है। ऐसे में सवाल यह उठाया गया कि मुंशी मुन्नाजान का जब वर्ष 1952 में ही इंतकाल हो चुका था तो 1972 में उनकी ओर से अनाथालय की विवादित जमीन का बैनामा कौन कर गया।
आर्य समाज अनाथालय प्रबंधन पूर्व की जांच से असंतुष्ट है। उनके दोबारा प्रार्थनापत्र देने पर मामले की दोबारा जांच शुरू करा दी गई है।
- वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी