बरेली/ भोजीपुरा। गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों को लूटा जा रहा है। उनसे नकद खरीद कर सवा सौ रुपये तक कटौती हो रही है। इसके साथ ही केंद्रों पर लगे कांटों में भी घपला है, लेकिन आज तक बाटमाप विभाग ने इसकी जांच तक करना उचित नहीं समझा है। कुछ ही केंद्रों पर सेंटर इंचार्ज पहुंच रहे हैं, इसलिए बरेली मंडल में ज्यादातर केंद्र ठेकेदारों और दलालों के हवाले हो गए हैं। गुरुवार को आरएफसी ने फरीदपुर में घपला पकड़ा था। मामले में उन्होंने केंद्र प्रभारी, ठेकेदार समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज भी कराई। शुक्रवार को वे भोजीपुरा के केंद्र का निरीक्षण किया। कमियां मिलने पर उन्होंने यहां सेंटर इंचार्ज साबिर पर रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश दिया। इसके बाद जिला प्रबंधक यूपीएसएस रजत अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई।
लगातार समाचार पत्रों में केंद्रों पर मनमानी और दलालों द्वारा हो रही गेहूं खरीद सुर्खियां बनी हुईं हैं। अफसर खरीद तेज करने के नाम पर कागजी निर्देश भी देते हैं, लेकिन अब तक किसी भी जिला खरीद अधिकारी ने मौके पर किसानों की समस्याओं पर नजर नहीं दौड़ाई और न ही कोई समाधान किया। शुक्रवार सुबह जब आरएफसी पीके श्रीवास्तव भोजीपुरा स्थित यूपीएसएस द्वारा संचालित केंद्र पर पहुंचे तो वहां इंचार्ज नदारद मिला। मौके पर ठेकेदार साबिर अली साथियों के साथ मौजूद मिला। आरएफसी ने पूछा कि इंचार्ज कहां है? तो मौजूद लोग बगले झांकने लगे। पता चला कि सेंटर प्रभारी साबिर कभी नहीं आते। सारी व्यवस्था दलाल और ठेकेदार ही देखते हैं। आरएफसी ने वहां मौजूद खरीद रजिस्टर चेक किया तो उसमें करीब पौने दो सौ क्विंटल का फर्क मिला।
60 रुपये प्रति क्विंटल मांगा जाता है खर्चा
आरएफसी ने रजिस्टर से किसानों के नाम पते लिए और कलारा गांव में पहुंचे। किसान मुनेंद्रपाल ने बताया कि उसने छह मई को सेंटर पर गेहूं बेचा था। तौल में 5.56 क्विंटल का फर्क आया। यानी एक क्विंटल पर पांच किलो से ज्यादा कांटे से घटतौली हो रही थी। किसान ने बताया कि उसे अब तक भुगतान नहीं मिला है। इसी गांव में मंगलसेन ने बताया कि केंद्र पर 60 रुपये प्रति क्विंटल खर्चा मांगा जाता है। भैरपुरा खजुरिया सेंटर पर इस्तखाक ने सौ क्विंटल तौल कराई, सेंटर पर मौजूद लोगों ने बताया कि सरकार नकद खरीद कर रही है, भुगतान 1730 रुपये क्विंटल होगा। उधर, किसान कृषक उत्पादन समिति द्वारा संचालित भैरपुरा सेंटर पर मुनेंद्र, मनोज किसानों से दस रुपये से ज्यादा कीमत का गेहूं की तौल में कटौती कर दी गई। अन्य किसानों सेे कई गंभीर बातों की जानकारी मिलने के बाद आरएफसी ने सेंटर इंचार्ज साबिर को निलंबित करने और किसानों से अवैध उगाही आदि करने में शामिल इंचार्ज पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।