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इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट ठप, न नए वोटर कार्ड बन पाए न डुप्लीकेट

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बरेली। सदर तहसील परिसर में बनाए गए वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर में बिजली की सप्लाई अव्यवस्थित होने और वेबसाइट न चलने से पूरे दिन कामकाज प्रभावित रहा। स्टाफ ने डुप्लीकेट वोटर आईजी की रसीद काटनी शुरू कीं, तभी वेबसाइट दगा दे गई। इस वजह से नए वोटर बनाने का भी काम नहीं हो पाया। वोटर आईडी न मिलने से तमाम लोगों ने हंगामा भी किया।
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डुप्लीकेट वोटर आईडी के लिए वेबसाइट पर आवेदन पिछले कई दिनों से नहीं हो पा रहा है। कारण बताया जा रहा है कि 001 कोड खुलता ही नहीं है, जिससे आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाती है। इसका विकल्प मैनुअल रसीद है, इसके तहत 25 रुपये शुल्क जमा कर डुप्लीकेट कार्ड दिया जाता है। जिला निर्वाचन कार्यालय में फैली अव्यवस्था के चलते रसीदें नहीं काटी जा रही थीं। ‘अमर उजाला’ ने यह मामला उठाया तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने संज्ञान लिया और डुप्लीकेट रसीदें कटवाने के निर्देश दिए। बुधवार से रसीदें कटना शुरू हुईं तो वीआरसी में वेबसाइट ही नहीं चल पाई।
गुरुवार रात 12 बजे से नए मतदाता और डुप्लीकेट कार्ड फीडिंग काम बंद हो गया। क्योंकि देर शाम सीईओ कार्यालय से सर्वर और सिस्टम बंद कर दिया गया। नए फार्म फीड नहीं होने और डुप्लीकेट कार्ड का काम नहीं होने से तमाम लोग परेशान दिखे। प्रभावित लोगों ने वीआरसी में हंगामा कर दिया। वीआरसी स्टाफ ने इसके लिए जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी, लेकिन दिन भर कोई जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय में नहीं मिला और ना ही अफसरों ने वेबसाइट सही कराने के लिए कोई प्रयास ही किए, जिसके चलते तमाम फार्म फीड ही नहीं हो पाए। मतदाता कार्ड नहीं बनने पर वे मतदान भी नहीं कर पाएंगे।
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जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचे 78 हजार कार्ड
पिछले दो सालों से नया, संशोधित और डुप्लीकेट कार्ड नहीं मिलने से हजारों लोग परेशान हैं। इस बीच गुरुवार सुबह 78 हजार नए कार्ड जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंच गए। यह कार्ड दो माह पहले आए नए आवेदकों के बताए जाते हैं, जबकि एक-दो सालों से संशोधित और डुप्लीकेट कार्ड आजतक नहीं मिल पाए हैं। डुप्लीकेट और संशोधित कार्डों की संख्या 35 सौ के करीब बताई जाती है। उप निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नए कार्ड संबंधित तहसीलों को सौंपे जा रहे हैं, वहां से बीएलओ इन कार्डों को लोगाें तक पहुंचाएंगे।
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