हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ों पर बर्फबारी होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाके में ठंडी हवाएं दिवाली पर सर्दी का एहसास कराने लगी हैं। पश्चिमी विक्षोभ के चलते पहाड़ों से चलने वाली हवाओं ने छोटी दिवाली की शाम सर्दीली बना दी। रात में भी ठंडी हवाएं चलीं। इससे न्यूनतम पारा चार डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया। दिवाली से पहले ऐसी सर्दी आठ साल पहले पड़ी थी।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पहाड़ों पर नवंबर के प्रथम सप्ताह में ही जैसी बर्फबारी हो रही है, वैसी अमूमन दिसंबर के आखिर या फिर जनवरी में होती है। मगर, इस बार पश्चिमी विक्षोभ और देर तक मानसून सक्रिय रहने से पहाड़ों पर 35 से 40 दिन पहले बर्फ पड़ने लगी है। दिवाली से पहले ऐसी सर्दी वर्ष 2010 में पड़ी थी।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम था। शाम को ठंडी हवा चलने से न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़कर 12.3 डिग्री सेल्सियस रह गया।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि पर्वतीय इलाकों में बर्फ पड़ने से मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चलेंगी। इससे रात का तापमान और गिरेगा। सुबह-शाम कोहरा भी रहेगा। दिन में चटक धूप खिलेगी और रात में सर्दी रहेगी। दिवाली के दिन यानी सात नवंबर को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।