दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज पर ग्राहकों को करेंसी संकट से जूझना पड़ सकता है, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि बैंक पांच दिन बंद रहेंगे। हालांकि बैंक अधिकारियों का दावा है कि छुट्टी के दौरान भी एटीएम में कैश भरने के खास इंतजाम किए गए हैं, लेकिन दुविधा यह है कि बिना करेंसी चेस्ट खुले आउट सोर्सिंग एजेंसी का स्टाफ कैश फीडिंग कैसे कर पाएगा। बैंकों की बंदी को लेकर व्यापारी भी परेशान हैं।
सात नवंबर को दिवाली है तो आठ तो गोवर्धनपूजा। इसी तरह नौ नवंबर को भाईदूज, दस को दूसरा शनिवार और 11 नवंबर को रविवार है। इसके बाद ही 12 नवंबर को बैंक सीधे सोमवार को ही खुलेंगे। त्योहारों में इतने लंबे समय से बैंकों में ताले पड़े रहने से नकदी की जमा और निकासी दोनों ही ठप रहेगी। ऐसे में कैश निकालने का एक मात्र जरिया जिलेभर के सभी सरकारी व निजी बैंकों के करीब सवा चार सौ एटीएम ही रहेंगे। इनकी भी अपनी क्षमता है।
बैंक अफसरों का कहना है कि अगर पांच हजार और दो हजार की करेंसी एटीएम में रखी जाए तो एक एटीएम में 25 से 40 लाख रुपये तक ही नोटों की फीडिंग संभव है। अफसरों की मानें तो सात नवंबर को छुट्टी पर जाने से पहले ही बैंक स्टाफ ने सभी एटीएम में पर्याप्त मात्रा में कैश फीड कर दिया है। कुछ बैंकों ने छुट्टी के दौरान भी एटीएम में कैश फीडिंग की व्यवस्था की है, लेकिन इसमें परेशानी यह है कि जब चेस्ट से कैश मिलेगा ही नहीं तो आउट सोर्सिंग एजेंसी का स्टाफ एटीएम में रुपये कैसे भरेगा। वहीं छुट्टियों के दौरान आरबीआई से भी करेंसी नहीं आएगी। जाहिर है कि पर्वों पर नकदी का संकट रहेगा तो इसका सीधा असर खरीदारी पर भी पड़ेगा।
अकाउंट से पैसा कटा लेकिन नगदी नहीं निकली
दिवाली पर नेटवर्क की दिक्कत के चलते कई एटीएम में नकदी की निकासी को लेकर ग्राहक परेशान रहे। कस्टमर के खातों से रकम निकालने की कटौती का मैसेज तो आ गया लेकिन एटीएम कैश नहीं मिला। गांधी उद्यान के यस बैंक के एटीएम में भी यही दिक्कत काफी देर तक बनी रही। इसी तरह की समस्या बॉब सहित अन्य बैंकों के एटीएम में भी रही। यूनियन बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि बीएसएनएल सहित कई कंपनियों के नेटवर्क की दिक्कत से सर्वर सही से काम नहीं करने से यह समस्या रही।