बरेली। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान का उत्तर प्रदेश में अभी दो दिन और असर रहेगा। बीते 48 घंटे में चक्रवाती तूफान के असर से तेज हवाएं चलीं और मूसलाधार बारिश हुई। अब भी बादल छाए हुए हैं। दो दिन में 50 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है। मानसून के उतार की बारिश और तेज हवा से धान की फसल खेतों में लोटपोट हो गई है। गन्ना और सब्जियों पर भी असर पड़ा है।
बंगाल की खाड़ी से 21 सितंबर को चक्रवाती तूफान उठा था। उसका असर उत्तर प्रदेश उत्तराखंड में 25 सितंबर तक रहेगा। 21 सितंबर से मौसम अचानक बदला और तब से रुक-रुककर बारिश हो रही है। 22 सितंबर को दिन से लेकर आधी रात तक रुक-रुककर मूसलाधार बारिश हुई, जिसके चलते रविवार को अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम था। न्यूनतम तापमान भी 21.5 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम था।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि रुहेलखंड मंडल में बीते दो दिन में 50 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है। अभी 24 और 25 सितंबर तक बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावनाएं लगातार बनी हुई हैं। मानसून भी 25 सितंबर को विदा हो रहा है। डा. कुशवाहा के मुताबिक हर साल 15 सितंबर तक मानसून चला जाता था, लेकिन इस बार मानसून 10 से 15 दिन लेट चल रहा है। देर तक बारिश होने से सर्दी भी अक्टूबर के पहले सप्ताह से ही शुरू हो जाएगी। हवा में नमी रहेगी। तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी। रात में ओस अधिक पड़गी। गर्मी का प्रकोप कम होगा।