राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस (एक अक्तूबर) पर अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान शिविर का रविवार को एडीएम उमेश नरायण पांडेय ने उद्घाटन किया। साथ में सीएमएस डॉ. अरुण कुमार गौतम और ब्लड बैंक की टीम मौजूद रही। शिविर में 22 लोगों ने रक्तदान किया। हालांकि रक्तदान की तमन्ना लेकर 30 से अधिक लोग आए, लेकिन हीमोग्लोबिन की कमी अथवा महिलाओं की अन्य समस्याओं के चलते उन्हें बिना रक्तदान किए ही लौटना पड़ा। महादानियों को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से एडीएम उमेश नरायण पांडेय ने प्रशस्ति पत्र दिए।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में लगाए गए रक्तदान शिविर की शुरुआत शहर के युवा व्यापारी शशांक वैश्य के रक्तदान से हुई। युवा व्यापारी ने बताया कि वह रक्तदान शिविर से बेहद उत्साहित हैं। वह कई बार रक्तदान कर चुके हैं, लेकिन अमर उजाला के शिविर में रक्तदान करने से उन्हें दिली खुशी मिलती। बोले, वह हर तीन महीने बाद जब भी अमर उजाला का कैंप लगेगा तो रक्तदान करने आएंगे। इस मौके पर ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. केपी सिंह भी मौजूद रहे। इसके बाद ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने पंजीकरण और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर रक्तदान शुरू किया।
इन 22 महादानियों ने किया रक्तदान
शहर के अलावा यहां ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने भी रक्तदान किया। इनमें शशांक वैश्य, संजय कुमार, वीर प्रताप, ज्योति प्रकाश, मयंक गुप्ता, अनुज कुमार, नरेंद्र यादव, दीपक कश्यप, प्रदीप वर्मा, राकेश कुमार मिश्रा, रामकुमार शर्मा, प्रवीण सक्सेना, विवेक सिंह चौहान, रामदेवी, विवेक सिंह सेंगर, शिवेंद्र बाथम, हर्षित अवस्थी, देव गुप्ता, श्रवण कुमार, आजाद मेहता, अंब्रीश सिंह, महेश पाल सिंह सहित 22 लोगों ने रक्तदान किया।
पीआरडी जवानों ने ड्यूटी के साथ किया रक्तदान
पीआरडी जवानों ने ड्यूटी के साथ ही रक्तदान भी किया। जिला युवा कल्याण अधिकारी प्रबोध कुमार के निर्देश पर पीआरडी जवान महेश पाल सिंह, श्रवण कुमार और राकेश कुमार मिश्रा ने रक्तदान किया। इन लोगों ने बताया कि अपने अधिकारी प्रबोध कुमार की प्रेरण से उन्होंने रक्तदान किया। साथ ड्यूटी और साथ रक्तदान करने के बाद असीम सुख मिला है।
महिला शिक्षक ने किया रक्तदान
प्राथमिक विद्यालय निजामपुर रामदास की महिला शिक्षक रामदेवी अमर उजाला पढ़कर रक्तदान करने पहुंचीं। वैसे पीआरडी महिला से मनोरमा सहित कई महिलाएं रक्तदान करने की इच्छा लेकर पहुंचीं, लेकिन हीमोग्लोबिन अथवा अन्य समस्याओं के चलते उन्हें रक्तदान करने से मना कर दिया गया। महिलाओं में सिर्फ महिला शिक्षक रामदेवी ही रक्तदान कर सकीं। रक्तदान करने के बाद उन्होंने कहा, वह खुद को सौभाग्यशाली मानती हैं, जिन्हें रक्तदान करने का मौका मिला। उन्होंने इसके लिए कहा, थैंक्यू अमर उजाला।
ब्लड बैंक की टीम ने किया सहयोग
अमर उजाला फाउंडेशन की मुहिम में स्वास्थ्य विभाग और ब्लड बैंक के लोगों ने विशेष सहयोग दिया। इसमें ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. केपी सिंह, लैब टेक्नीशियन इंद्रजीत सिंह, एलटी कफील अहमद, रवि प्रकाश, राहुल वर्मा, परामर्शदाता रति वर्मा, पूनम दुबे, सुनीता, योगेश, राघवेंद्र कुमार ने बढ़ चढ़कर सहयोग किया।