बिहारीपुर चमन मठिया की रहने वाली निर्मला देवी बीमार बेटी पूनम को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में बैठ गईं। तंगहाल यह बेबस मां प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बेटी के इलाज की गुहार लगा रही थी। निर्मला की आंखों में आंसूू उनकी मजबूरी कही कहानी बयां कर रहे थे। एडीएम सिटी ओपी वर्मा ने पीड़िता को बुलाकर मदद का आश्वासन दिया और भेजे गए प्रस्ताव पर जल्द विचार करने की पैरवी करते हुए शासन को रिमांडर भिजवाया।
निर्मला देवी ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी पूनम की शादी 11 मई 2011 को कासगंज के विरलाम गांव के जय बाबू के साथ की थी। पूनम ने एक पुत्री को जन्म दिया। 16 जुलाई 2016 को अचानक जय बाबू की मौत हो गई। इसके बाद ससुराल वालों ने उनकी बेटी के साथ जुल्म क रने शुरू कर दिए। इसी वजह से उनकी बेटी अपनी बच्ची को साथ लेकर मायके चली आई। उनके पास रहने के दौरान पूनम 25 वर्ष की उम्र में ही ब्लड कैंसर से ग्रस्त हो गई। महंगा इलाज होने की वजह से वे पूनम का ठीक से इलाज नहीं करा पाए। ससुराल वालों ने भी किनारा कर लिया और पूनम को उसका हिस्सा भी नहीं देना चाहते हैं। इसलिए पूनम की जान बचाने के लिए आर्थिक मदद की जरूरत है।
पांच लाख मदद का भेजा है प्रस्ताव
एडीएम सिटी ने पूनम का इलाज कराने के लिए 17 अगस्त को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख रुपये की मदद के लिए प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अभी तक शासन से कोई जवाब नहीं आया है। जबकि पूनम की स्थिति बिगड़ती जा रही है। उसे जल्द इलाज की जरूरत है।