तकनीक और आधुनिक युग में महिलाओं को भी स्वावलंबी बनाया जा रहा है। आईवीआरआई के गृह विज्ञान इकाई ने इसका जिम्मा उठाया। उन्होंने महिलाआें को सब्जी व फल परीक्षण के साथ डिटरजेंट बनाने का तरीका बताया। कृषि विज्ञान केंद्र में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का बृहस्पतिवार को समापन हो गया।
प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीण महिलाओं को दैनिक भोजन में फल एवं सब्जी की उपयोगिता व उसकी कमी से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया गया। साथ ही फ ल एवं सब्जी को प्रयोग करने की विभिन्न विधियां भी बताई। अचार, हरी मिर्च करौंदे अदरक का मिश्रित अचार, नीबू का मिश्रित अचार बनाने का तरीका बताया। नींबू शरबत बनाने की पूरी विधि बताई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को बरेली के फ ल एवं सब्जी संरक्षण केंद्र का भ्रमण भी कराया गया। प्रयोगात्मक विधि से परीक्षा भी ली गई। कपड़े धोने का पाउडर कैसे बनता है यह भी बताया। स्वच्छ भारत अभियान के विषय में जागरूक करने के लिए एक व्याख्यान भी हुआ।