आल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजूकेशन में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध 59 कॉलेजों ने वेबसाइट पर डाटा अपलोड नहीं किया है। ये कॉलेज अब मुसीबत में पड़ सकते हैं। रिपोर्ट जमा होने के बाद शासन ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि जो राजकीय और अनुदानित कॉलेज डाटा अपलोड नहीं करेंगे वहां के शिक्षकों का जुलाई से वेतन रोका जाएगा। इसके अलावा सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की मान्यता कुछ समय के लिए समाप्त कर दी जाएगी। शासन ने विश्वविद्यालय को कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए हैं।
सर्वे के लिए कॉलेजों को शिक्षकों का आधार नंबर सहित सारी जानकारी, कोर्स, फीस, आधारभूत सुविधाएं, छात्र छात्राओं की संख्या समेत सारी जानकारी अपलोड करनी थी। वेबसाइट पर पंजीकृत 425 कॉलेजों ने अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है। नोटिस के बावजूद 59 कॉलेजों ने अपनी रिपोर्ट अपलोड नहीं की। इसमें केवल सेल्फ फाइनेंस कॉलेज ही नहीं बल्कि अनुदानित कॉलेज भी हैं। कन्या महाविद्यालय भूड़, दास कॉलेज बदायूं जैसे कालेजों ने रिपोर्ट अब तक अपलोड नहीं की है।
कुलसचिव एके अरविंद ने बताया कि रिपोर्ट अपलोड न करने वाले कॉलेजों पर शासन कार्रवाई की तैयारी में है। राजकीय और अनुदानित कॉलेजों के शिक्षकों का वेतन रोका जाएगा और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई हो सकती है।
डॉ. अतुल शर्मा प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे
ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजूकेशन के लिए प्रत्येक विवि में एक कोआर्डिनेटर बनाया गया था। सभी की रिपोर्ट शासन में जमा हो गई है। अब यह रिपोेर्ट एमएचआरडी दिल्ली में जमा होगी। उत्तर प्रदेश से रुहेलखंड विवि के कोआर्डिनेटर डॉ. अतुल शर्मा को प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है।