शासन से स्पष्ट निर्देश न मिलने तक कोई काम कराने से खड़े किए हाथ
बरेली। लॉकडाउन के बाद अब मजदूरों से किस नीति से काम लिया जाना है, शासन से यह स्पष्ट न होने तक बीडीए ने करीब 17 करोड़ के काम करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि इन कामों की वित्तीय स्वीकृति मिल चुुकी थी और टेंडर कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी, लेकिन अब सरकार मजदूरों से काम कराने की क्या पॉलिसी अपनाएगी, इस पर अगर अतिरिक्त खर्च होता है तो उसका वहन कैसे होगा? यह स्पष्ट होने तक फिलहाल काम रोक दिए गए हैं।
लॉकडाउन से पहले बीडीए को दो महत्वपूर्ण कामों की मंजूरी मिली थी। इसमें 6.21 करोड़ की लागत से बदायूं रोड पर करगैना मोड़ से जुए की पुलिया तक आरसीसी एसडब्ल्यू ड्रेन का निर्माण और दूसरा 10.36 करोड़ से रामगंगा नगर में डोहरा रोड से बीसलपुर रोड को जोड़ने वाली 45 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाना है। बीडीए ने इन कामों को शुरू कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें निर्माण निगम के साथ दूसरी निर्माण इकाईयों से रिपोर्ट मांगी गई थी कि क्या वे इस काम को कराने में सक्षम हैं। हालांकि लॉकडाउन के बाद मजदूरों को लेकर एकाएक बदले हालात के बाद बीडीए ने इन कामों पर रोक लगा दी है। बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि मजदूरों को लेकर शासन अब क्या नीति बनाता है। इनके इंश्योरेंस सहित दूसरी सुविधाओं पर खर्च होने की धनराशि बीडीए या ठेकेदार वहन करेगा? इस तरह की कई जटिलाएं पैदा हो रही हैं। इसलिए जबतक तस्वीर साफ नहीं होती, ये काम फिलहाल किसी निर्माणदायी संस्था को नहीं दिए जा रहे हैं।
करीब 17 करोड़ के कामों को कराने के लिए किसी संस्था का चयन अभी नहीं किया गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद ही अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। -दिव्या मित्तल, बीडीए वीसी