बरेली। फरीदपुर के एक गांव में नाबालिग जोड़े की शादी का मामला सामने आया था। दुल्हा-दुल्हन के पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं था, जिससे उनकी आयु की पुष्टि हो सके। इसलिए बाल संरक्षण समिति ने उनकी उम्र जानने के लिए उनके मेडिकल के आदेश दिए थे। यह भी कहा कि औपचारिकता पूरी होने तक दुल्हन का ससुराल जाने पर प्रतिबंध रहेगा, वह मायके में ही रहेगी।
शुक्रवार को बाल संरक्षण समिति के सामने मामला आया था कि फरीदपुर के एक गांव में नाबालिग जोड़े की शादी हो गई है। आशा ज्योति केंद्र के स्टाफ ने उन्हें और उनके घरवालों को समिति के सामने प्रस्तुत किया था। अशिक्षित होने के कारण वे ऐसा कोई रिकार्ड नहीं दिखा सके, इससे यह जाना जा सके कि उनकी कितनी उम्र है। समिति के डीएन शर्मा ने उन्हें मेडिकल के लिए भेजा था लेकिन उसके बाद दो दिन का अवकाश पड़ जाने से इस मामले में कोई फैसला नहीं किया सका। समिति ने आदेश दे दिए थे कि जब तक आयु की पुष्टि न हो जाए दुल्हन के सुसराल जाने पर प्रतिबंध रहेगा।