बरेली। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे का वक्त है। सुरेश शर्मा नगर चौराहे से आशीष रॉयल पार्क की ओर जाने वाले रास्ते पर सन्नाटे जैसे हालात हैं। पीलीभीत बाईपास से आशीष रॉयल पार्क की ओर पहाड़पुर या उससे आगे जाने वाले इक्का-दुक्का आटो, कार या बाइक कभी-कभी यह सन्नाटा तोड़ते हैं। पीलीभीत बाईपास से उतरकर आशीष रॉयल पार्क पर आगे बढ़ने पर दूर से ही एक के बाद एक बरातघर दिखाई देने लगते हैं जहां दिन में तो कोई खास गतिविधि नहीं दिखती लेकिन शाम होते ही जब ये धूमधड़ाके के साथ रौशन होते हैं तो यह पूरा इलाका शादियों के जश्न में डूबा नजर आता है। सड़क पार्किंग में तब्दील हो जाती है। भीषण शोरशराबे के साथ जब इस सड़क से गुजरना तक मुश्किल हो जाता है तो इस इलाके में रहने वाले लोग तौबा करने लगते हैं कि उन्होंने इन कॉलोनियों में घर बनाने की गलती क्यों की।
आशीष रॉयल पार्क रोड की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की शिकायत पर हालात का जायजा लेने पहुंची अमर उजाला टीम की मुलाकात इसी रोड पर एक कॉलोनी में रहने वाले शख्स से हुई जो सड़क पर पैदल गुजर रहे थे। बातचीत हुई तो बोले, काफी समय से सहालग चल रहे हैं। रोड के दोनों ओर तमाम बरातघर हैं, लेकिन इनमें से एक ही बरातघर के पास पार्किंग उपलब्ध है। बाकी में से किसी ने भी पार्किंग नहीं बनाई है। नाम न छापने की गुजारिश करते हुए कहा कि जिस सड़क पर इस समय सन्नाटे का माहौल है, वह शाम को नहीं रहता। शादी-ब्याह का सीजन है लिहाजा हर बरातघर बुक रहता है। उनमें पार्किंग नहीं है इसलिए वाहनों को सड़क पर ही खड़ा करा दिया जाता है। कोई यह भी ख्याल नहीं रखता कि गाड़ियां तरतीब से खड़ी हो जाएं ताकि लोगों को दिक्कत न हो। सड़क पर जाम लगा रहता है। शोरशराबा आधी रात के बाद तक सोने नहीं देता।
इसी रोड पर दुकान चलाने वाले बाइक मैकेनिक मुश्ताक को बरातघरों के आगे लगने वाले जाम और शोरशराबे की वजह से अक्सर शाम को जल्दी ही अपना खोखा बंद करके घर चले जाना पड़ता है। वह कहते हैं कि एग्जीक्यूटिव क्लब रोड पर पांच बड़े और इतने ही छोटे बरातघर हैं। बीडीए को नियमानुसार बरातघरों को अपने मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत कराते समय सैट बैक और फ्रंट पर जगह छोड़ने के अलावा पार्किंग अलग से बनानी चाहिए थी। मगर पीलीभीत बाईपास पर सेटेलाइट से बीसलपुर चौराहे होते हुए सुरेश शर्मा नगर, आशीष रॉयल पार्क कॉलोनी रोड, लाइफ लाइन हॉस्पिटल के सामने, सौफुटा रोड और संजय नगर, पुराना शहर, बदायूं रोड समेत शहर के तमाम इलाकों में बने बरातघरों में से 90 फीसदी ने न अलग पार्किंग बनाई है, न सैट बैक छोड़ा है। यानी हर जगह बरातघर जाम की वजह बने हुए हैं। नौबत यहां तक आ जाती है कि बरातघरों के आसपास रहने वाले कुछ परिवार सहालग में दूसरी जगहों पर रहने चले जाते हैं।
शासन में हुई है शिकायत
इस मामले में शासन में भी शिकायत की गई है। प्रमुख सचिव आवास को पत्र लिखकर बताया गया कि आशीष रॉयल पार्क कॉलोनी रोड पर पार्किंग न होने से बरातघरों के सामने सहालग तक रोजाना वाहनों का जाम लगता है। इससे आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है। इस समस्या का स्थाई समाधान कराएं।
बरातघरों को निर्माण के समय पार्किंग बनानी चाहिए। पार्किंग न होने से बरातघरों के सामने जाम लगने की बात संज्ञान में आई है। चुनाव के बाद बीडीए की टीम फ्री हो गई है। ऐसे बरातघरों का चिन्हांकन कराने के बाद सख्त एक्शन लिया जाएगा। - दिव्या मित्तल, उपाध्यक्ष बीडीए