बरेली। लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की सहूलियत के लिए चुनाव आयोग ने तमाम व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। दिव्यांगों के लिए रैंप और व्हीलचेयर, पीने के लिए पानी, गर्मी से बचने के लिए पंखा और प्रकाश का पर्याप्त इंतजाम आदि इसमें शामिल हैं। लेकिन तमाम इंतजाम और दावों के बावजूद व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकी हैं। दिव्यांग मतदाताओं की सहूलियत के इंतजाम सबसे ज्यादा खराब हैं। मंगलवार को मतदान से एक दिन पूर्व अमर उजाला की टीम ने तमाम मतदान केंद्रों का जायजा लिया तो यह हकीकत निकलकर सामने आई।
दिव्यांगों के लिए नाली बनी चुनौती
हाफिज सिद्दीकी जूनियर हाईस्कूल में बने मतदान केंद्र पर सड़क से स्कूल में जाने के लिए रैंप बनी हुई लेकिन मतदान कक्षों के बाहर बड़ी सी नाली है। ऐसे में दिव्यांग या बुजुर्ग मतदाताओं के लिए बूथ में प्रवेश मुश्किल होगा। व्हील चेयर भी नजर नहीं आई।
तीन सीढ़ियां कैसे चढ़ेंगे दिव्यांग
कूंचा सीताराम स्थित रीना मॉडल सीनियर सेकेंड्री स्कूल में रैंप के नाम पर दिव्यांगों से मजाक किया गया है। सड़क से स्कूल में प्रवेश के लिए रैंप बनी है लेकिन स्कूल में पहुंचकर मतदान कक्ष तक जाने के लिए मतदाताओं को चार सीढ़ियां चढ़नी होंगी। ऐसे में दिव्यांग मतदाताओं को यहां मुश्किल होगी।
गोद में ही बूथ के अंदर पहुंचेंगे दिव्यांग
बजरिया पूरनमल स्थित अग्रसेन पब्लिक जूनियर हाईस्कूल में मतदान की तैयारियां होती मिलीं। मगर दिव्यांगों की व्यवस्था यहां चौपट थी। स्कूल सड़क से करीब तीन फुट की ऊंचाई पर है। रैंप न होने के चलते दिव्यांगों को गोद में लेकर ही बूथ तक पहुंचाना होगा।
संभलकर नहीं चले तो चोटिल होंगे
प्राथमिक विद्यालय हजियापुर सेकेंड के बाहर सड़क की स्थिति बहुत खराब है। मतदान केंद्र की सड़क तो ऊबड़-खाबड़ है ही, आसपास गंदगी के भी ढेर लगे हैं। दिव्यांग, नेत्रहीन या बुजुर्ग मतदाताओं को इस बूथ में प्रवेश करने में कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
वीवीआईपी बूथ पर भी परेशान होंगे दिव्यांग
सदर तहसील का बूथ वीवीआईपी में गिना जाता है। सोमवार को यहां पूरे दिन मतदान की तैयारियां चलती रहीं। मगर तहसील ग्राउंड से मतदान कक्षा में पहुंचने के लिए दिव्यांग मतदाताओं के रास्ते में नाली बाधा बनेगी। व्हील चेयर का इंतजाम यहां भी नजर नहीं आया।
यहां तो पीने का पानी ही मुहैया नहीं
रामपुर गार्डन में राष्ट्रीय बाल शिक्षा केंद्र को पोलिंग बूथ बनाया गया है। महत्वपूर्ण इलाके का बूथ होने के बावजूद यहां की व्यवस्थाएं भगवान भरोसे मिलीं। चुनाव ड्यूटी पर पहुंचे लोगों ने बताया कि स्कूल में एक नल लगा है, वह भी खराब है। पानी भी खरीदकर पीना पड़ रहा है।