उझानी (बदायूं)/ बरेली। एक ही परिवार के चार सगे भाइयों के सराफा प्रतिष्ठानों के अलावा कोल्ड स्टोरेज पर शुक्रवार दोपहर शुरू हुआ आयकर सर्वे शनिवार तड़के करीब तीन बजे तक चला। मुरादाबाद और बरेली से आई आयकर टीमों ने सघन छानबीन के बाद करीब दस करोड़ रुपये की अघोषित आय पकड़ी। पांच स्थानों पर चली कार्रवाई के बाद कारोबारियों ने इस पकड़ी गई आय को घोषित कर दिया है। इस पर तीस प्रतिशत टैक्स यानी करीब सवा तीन करोड़ रुपये टैक्स वसूली होगी। विभाग ने कारोबारियों से कहा कि वे 15 मार्च तक निर्धारित टैक्स राशि जमा करना सुनिश्चित करें।
गोपनीय सूचना पर प्रधान आयकर आयुक्त शिशिर अग्रवाल ने बदायूं जिले में उझानी स्थित अवनीश चंद्र गोयल, प्रदीप गोयल, सुरेश चंद्र गोयल और पवनीश चंद्र गोयल के चार सराफा और एक कोल्ड स्टोरेज प्रतिष्ठान पर संयुक्त कार्रवाई का तानाबाना बुना। उन्होंने इसकी कमान संयुक्त आयकर आयुक्त यदुवीर सिंह मुरादाबाद को सौंपी। इसके बाद शुक्रवार दोपहर पांच ठिकानों पर संयुक्त कार्र्रवाई हुई जिसमें सौ से ज्यादा लोगों का स्टाफ लगाया गया। करीब 15 घंटे तक चली सघन छानबीन में टीम ने संदिग्ध कारोबार संबंधी अभिलेख, बहीखाते, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि कब्जे में लिए। कारोबारियों ने करीब दस करोड़ रुपये की छिपी आय घोषित की। आयकर सर्वे के दौरान बड़ी तादाद में फोर्स तैनात रही।
हमने सटीक सूचना मिलने के बाद ही टीमें भेजी थीं। पांच स्थानों पर एक साथ कार्रवाई हुई। कारोबारियों ने करीब दस करोड़ रुपये आय घोषित कर दी है। घोषित आय पर 15 मार्च तक तीस प्रतिशत की दर से टैक्स जमा करना होगा। इसके अलावा सीतापुर जिले के बिसबां में भी तीन सराफा प्रतिष्ठानों पर संयुक्त आयुक्त पूजा राज के नेतृत्व में सर्वे किया गया है। वहां भी एक करोड़ रुपये से ज्यादा अघोषित आय मिली। कारोबारियों ने इसे स्वेच्छा से घोषित कर दिया है। कारोबारी किसी भी कार्रवाई से बचने को आय सही दर्शाकर टैक्स जमा कराएं।
- शिशिर अग्रवाल, प्रधान आयकर आयुक्त
आयकर अफसरों के जाने के बाद सराफा बाजार में लौटी रौनक
चार सगे भाइयों के सराफा प्रतिष्ठानों पर आयकर सर्वे के बाद शनिवार को बाजार में रौनक लौट आई। कार्रवाई के दौरान अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद करके घर बैठे कारोबारियों ने शनिवार सुबह प्रतिष्ठान खोले लेकिन उनके चेहरों पर शिकन नजर आई। कारोबारियों ने ज्यादातर समय आयकर अफसरों को लेकर बातचीत करने में गुजार दिया।
शनिवार सुबह सराफा बाजार रोज की तरह खुला। सर्वे के दायरे में आए सराफ प्रदीप गोयल, अवनीश गोयल, पवनीश गोयल और सुरेश चंद्र गोयल के प्रतिष्ठानों पर रौनक दिखी। ग्राहक भी दुकानों पर पहुंचे। ज्यादातर सराफ आयकर अफसरों को लेकर ही बातें करते नजर आए। घंटाघर, बिल्सी रोड और कछला रोड बाजार में सराफा प्रतिष्ठानों पर भी रोज की तरह ग्राहक पहुंचे। रौनक के बीच कारोबारियों पर अफसरों का खौफ बरकरार दिखा। इससे पहले शुक्रवार आधी रात तक कुछ सराफा कारोबारी चौक-चौराहों पर घूमते देखे गए। सराफा कमेटी के अध्यक्ष संजय मित्तल ने बताया कि सर्वे की कार्रवाई व्यापारिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसे लेकर कारोबारियों में किसी तरह का पसोपेश नहीं होना चाहिए।
पहले पड़ चुका है मेंथा प्रतिष्ठानों पर छापा
उझानी। करीब चार साल पहले आयकर विभाग की टीम ने यहां मेंथा ऑयल के दो प्रतिष्ठानों पर छापा मारा था। दोनों प्रतिष्ठानों पर स्टॉक से अधिक मेंथा ऑयल पकड़ा गया था। आयकर अफसरों ने उस समय भी कार्रवाई की थी। तब मेंथा ऑयल का कारोबार चरम पर था। दो-ढाई साल बाद एक फिर से मेंथा ऑयल के व्यापार में चमक महसूस की गई है।
आयकर अफसरों ने सर्वे की कार्रवाई शनिवार तड़के तक पूरी कर ली है। अफसरों ने सब कुछ चेक कर लिया है। उनके और भाइयों के प्रतिष्ठानों पर सब कुछ ठीक रहा है। कार्रवाई के दौरान अफसरों को पूरा सहयोग किया गया।
- प्रदीप गोयल, सराफ
पिछले 10 दिनों से गुपचुप चल रही थी सर्वे की तैयारी
बदायूं। आयकर अधिकारियों ने शुक्रवार को उझानी के एक परिवार के चार सराफा प्रतिष्ठानों और एक कोल्ड स्टोरेज का सर्वे किया। इसको लेकर आयकर अधिकारियों की ओर से 10 दिनों से गुपचुप तैयारी चल रही थी। सर्वे करने पहुंची टीम में 10 जिलों को 35 आयकर अधिकारियों समेत करीब सौ लोग शामिल रहे, साथ ही एक टीम कार्यालय पर जानकारी देने के लिए मौजूद रही। टीम के सदस्यों ने महज तीन मिनट के अंदर चारों सराफा कारोबारियों के प्रतिष्ठान और श्रीराम प्रसाद कोल्ड स्टोर को कवर कर लिया था।
शुक्रवार दोपहर संयुक्त आयकर आयुक्त यदुवीर सिंह के नेतृत्व में उझानी में बरेली, मुरादाबाद, चंदौसी, बिजनौर, नजीबाबाद, धामपुर, संभल, रामपुर और अमरोहा के 35 आयकर अधिकारी पहुंचे। इसमें बदायूं के आयकर अधिकारी प्रथम नईम उल्ला खां, आयकर अधिकारी द्वितीय आरके शाही, आयकर निरीक्षक सौरभ सिंह मौजूद रहे। वहीं सीओ उझानी विनय कुमार द्विवेदी के अलावा 10 एसआई, 30 कांस्टेबल, पांच महिला कांस्टेबल भी मौजूद रहे। इसके बाद में अधिकारियों ने पूछताछ शुरू की, जो शनिवार तड़के तीन बजे खत्म हुई। आयकर विभाग की टीम पिछले 10 दिनों से सराफा कारोबारियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। इसकी पल-पल की रिपोर्ट वह अपने उच्चाधिकारियों को दे रहे थे। इसके बाद में टीम सर्वे को पहुंची और नियमित आय से अधिक आय का मामला पकड़ा।
बदायूं कार्यालय पर मौजूद रही एक टीम
जब टीम उझानी में सराफा कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर सर्वे कर रही थी। उस वक्त तीन सदस्यीय टीम जानकारी अपडेट करने के लिए बदायूं कार्यालय पर रही। इसमें उमेश सक्सेना, आकाश यादव और अरविंद राही थे, जो व्यापारियों के रिकॉर्ड के बारे में लगातार अधिकारियों को अपडेट कर रहे थे।
संभलने तक का नहीं दिया समय
आयकर विभाग की टीम जब उझानी सर्वे के लिए पहुंची, तो उन्होंने किसी व्यापारी को संभलने का मौका नहीं दिया। टीम के सदस्यों ने महज तीन मिनट के अंदर चारों सराफा कारोबारियों के प्रतिष्ठानों और श्रीराम प्रसाद कोल्डस्टोरेज को कवर कर लिया। इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और अधिकारियों के पहुंचने पर आसपास अफरातफरी मच गई थी।