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चौपुला पुल से बसें बदायूं नहीं जा सकतीं तो टैंकरों को क्यों जाने देते हैं

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बरेली। लाल फाटक रोड से रोडवेज की बसों गुजरने पर लगाई पाबंदी तमाम कोशिशों के बावजूद न हट पाने से रोडवेज के अधिकारी ताव खाने लगे हैं। इसी के चलते रुहेलखंड डिपो के प्रभारी एआरएम चीनी प्रसाद ने एसपी ट्रैफिक एससी गंगवार को चिट्ठी लिखकर रहस्यमय सा सवाल पूछ लिया है कि चौपुला ओवरब्रिज से अगर बसें नहीं चल सकतीं तो टैंकरों को क्यों गुजरने दिया जा रहा है। हालांकि एसपी ट्रैफिक ने इस पत्र के जवाब में जाम लगने की आशंका को इसकी वजह बताया है। साथ ही यह दिलासा भी दिया है कि वे सेतु निगम के अफसरों से बात कर प्रयास कर रहे हैं कि लाल फाटक रोड पर जल्द ही रोडवेज की बसों के लिए वनवे सिस्टम शुरू कर दिया जाए।
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लाल फाटक क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। सेतु निगम के अधिकारियों के यहां सर्विस लेन बनाए बगैर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करा देने से यहां लगातार हादसे होने लगे थे, जिसमें एक एक कर नौ लोगों की जान जाने के बाद इधर से रोडवेज बसों का संचालन बंद कर दिया गया था। अब रोडवेज की बसों को फरीदपुर होकर बदायूं भेजा जा रहा है। इसके चलते बसों को 34 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है। समय के साथ किराया भी बढ़ने से रोडवेज की बसों में यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है। रोडवेज को इस वजह से काफी घाटा उठाना पड़ रहा है। कुछ समय से रोडवेज के अधिकारी लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि लाल फाटक रोड को बदायूं जाने के लिए खोल दिया जाए, लेकिन चूंकि सेतु निगम ने सर्विस लेन नहीं बनाई है इसलिए यह मुमकिन नहीं हो पा रहा है। दूसरी ओर चौपुला ओवरब्रिज को भी सिर्फ बदायूं से आने वाली बसों के लिए खोला गया है।
इसी के चलते अब रोडवेज और पुलिस के अधिकारियों में ठनने लगी है। एआरएम पत्र भेजकर एसपी ट्रैफिक से पूछा था कि जब चौपुला पुल होकर रोडवेज बसें नहीं जा सकतीं तो ट्रैफिक पुलिस टैंकरों को क्यों जाने दे रही है। इस पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि नियम तो सबके लिए एक होना चाहिए। टैंकर जाते हैं तो बसों को भी चौपुला से जाने की अनुमति दी जाए। एसपी ट्रैफिक ने जवाब में लिखा है कि सिटी स्टेशन साइड से आने वाले टैंकरों को ही चौपुला ब्रिज होकर बदायूं भेजा जाता है। शहर की ओर से आने वाली बसों को चौपुला की रोटरी से मुड़ने में तीन से चार मिनट का वक्त लगता है, इससे ट्रैफिक जाम की समस्या आ जाती है। वनवे खत्म करते ही जाम को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाएगा। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि सेतु निगम के अफसरों ने करीब दस दिन में सर्विस लेन तैयार कराने का भरोसा दिलाया है। इसके तैयार होते ही लाल फाटक रोड पर बसों को बदायूं की ओर चलवाना शुरू कर दिया जाएगा।
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