बरेली। नगर निगम के संपत्ति कर एवं राजस्व विभाग में तैनात बाबू रामजीत को नगर आयुक्त ने संबंधित विभागों के दायित्वों से मुक्त कर कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी सौंप दी है। लंबे समय तक म्यूटेशन के मामले लटकाए रखने पर कार्रवाई की गई है। साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
करीब छह माह से म्यूटेशन कराने के लिए एक बुजुर्ग चक्कर लगा रहे थे। रामजीत हर बार कागजों में खामियां निकालकर उन्हें लौटा रहे थे। थक-हारकर बुजुर्ग ने नगर आयुक्त से मदद मांगी। नगर आयुक्त राजेश कुमार श्रीवास्तव ने तत्काल बाबू को तलब कर मामले की जानकारी मांगी। कागज देखे तो सब दुरुस्त मिलने पर नामांतरण करने को कहा, लेकिन बाबू ने आपत्ति जता दी। इसके बाद नगर आयुक्त ने बाबू को जमकर फटकारा और तत्काल संपत्ति और राजस्व विभाग के सभी दायित्वों से मुक्त करते हुए कंट्रोल रूम से अटैच कर दिया। बताया जाता है कि नगर आयुक्त के आदेश के बाद भी अब तक बाबू को रिलीव नहीं किया गया है। बता दें कि रामजीत पर पहले भी एक ऐसे ही मामले में अपर नगर आयुक्त कार्रवाई कर चुके हैं।