बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्घ कॉलेजों में प्रैक्टिकल शुरू हो गए हैं, लेकिन उससे पहले बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। अवार्ड लिस्ट और रोल लिस्ट पर छात्रों का डाटा ही गड़बड़ा गया। कई कॉलेजों के प्राचार्यों ने परीक्षा नियंत्रक से शिकायत की। सूची देखने पर मामला पकड़ में आया। प्राचार्यों का कहना था कि अगर इस लिस्ट से प्रैक्टिकल करा दिए तो परीक्षा देने के बावजूद कई छात्रों की अनुपस्थित लग जाएगी।
इस बार विश्वविद्यालय ने अवार्ड शीट के साथ रोल लिस्ट भी दी है। इसमें छात्रों का रोल नंबर और फोटो भी दिया गया है। प्रैक्टिकल और मुख्य परीक्षाओं के लिए सारा रिकॉर्ड कॉलेजों को भेजा गया। वहां डाटा देखा गया तब गड़बड़ी सामने आई। दोनों सूची में सीरियल नंबर से डाटा मेल नहीं खा रहा और न ही रोल नंबर के हिसाब से फोटो मिल रहे। प्राचार्यों ने परीक्षा नियंत्रक से शिकायत की। कहा कि ऐसे हजारों छात्रों की अनुपस्थित लग जाएगी। वह फेल हो जाएंगे। दरअसल इस बार सूची छात्रों के अनुसार नहीं कोर्सवार बनाई गई हैं, जिसमें एक्स स्टूडेंट भी शामिल कर लिए गए। इसके चलते कॉलेजों में प्रैक्टिकल के लिए बैच नहीं बन पा रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार का कहना है कि प्राचार्यों ने शिकायत की है। तकनीकी गड़बड़ी से ऐसा हो सकता है। इसको दिखवाया जाएगा और उसे सही कराया जाएगा।
प्रैक्टिकल के नाम पर वसूली
प्रैक्टिकल के नाम पर प्राइवेट कॉलेजों में वसूली भी शुरू हो गई है। एक विषय के नाम पर पांच सौ रुपये वसूले जा रहे हैं। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक से शिकायत की है। छात्रों का कहना है कि कॉलेजों में दबाव डालकर उनसे पैसे लिए जा रहे हैं। धमकाया जा रहा है कि अगर पैसे नहीं दिए तो प्रैक्टिकल में फेल करा देंगे।