नेकपुर में प्राथमिक विद्यालय प्रथम और द्वितीय एक ही कमरे में संचालित हो रहे हैं। इनमें प्रथम एकल विद्यालय है और द्वितीय में दो शिक्षक हैं, मगर मौके पर दोनों स्कूलों के लिए सिर्फ एक ही शिक्षिका मिली। जब स्कूल का जायजा लिया तो अंदर किसी महापुरुष के बजाय दुष्कर्म के आरोपी आसाराम का फोटो लगा था। शिक्षिका से पूछा तो बोलीं कि वह आसाराम को जानती ही नहीं हैं। वहीं जब बच्चों से बात की तो पांचवीं की छात्रा देश के राष्ट्रपति का नाम भी नहीं बता सकी।
नेकपुर प्राथमिक विद्यालय प्रथम और द्वितीय में करीब डेढ़ सौ बच्चे पढ़ते हैं। मगर दोनों स्कूल नेकपुर द्वितीय की सहायक अध्यापिका माहे तलत के हवाले मिले। उन्होंने बताया कि दोनों ही स्कूलों की हेड टीचर मीना कुमारी और सुनीता शर्मा छुट्टी पर हैं। बच्चों को वही पढ़ा रही हैं। इसके बाद जब स्कूल के कमरे का जायजा लिया तो उसमें दुष्कर्म के आरोपी आसाराम का फोटो टंगा था। दीवार पर आसपास निगाह दौड़ाई तो किसी महापुरुष का चित्र वहां नजर नहीं आया। शिक्षिका माहे तलत से इस बारे में पूछा तो कहने लगीं कि वह तो जानती ही नहीं, यह कौन हैं? मेज पर बसपा का बैनर बिछा होने के संबंध में उन्होंने कुछ भी जानकारी से इंकार किया।
अंधेरे कमरे में पुरानी पढ़ाई पर नई तारीख
कमरे में अंधेरा था, जिससे बच्चों को पढ़ने के लिए निगाह पर जोर देना पड़ रहा था। ब्लैक बोर्ड पर नजर दौड़ाई तो उस पर तारीख में कटिंग नजर आई। बच्चों से पूछा तो बता दिया कि चार-पांच दिन पहले लिखा था, आज उसकी तारीख बदल दी गई है। उस पर भी गलत लिखा था, जिसे सही करने की कोशिश भी नहीं की गई।
देश के राष्ट्रपति.. डॉ. राजेंद्र प्रसाद
कक्षा पांच की छात्रा सोनी की कॉपी में कई-कई दिन छोड़कर लिखा हुआ मिला। जैसा लिखा था, गलतियां दुरुस्त किए बिना सही का निशान लगाकर शिक्षक के हस्ताक्षर थे। जब सोनी से देश के राष्ट्रपति का नाम पूछा तो डॉ. राजेंद्र प्रसाद बताया। कक्षा पांच में पढ़ने वाली शिवन्या की हिंदी की कॉपी पर विषय का नाम भी ठीक नहीं लिखा था।
स्कूल में आसाराम का फोटो नहीं लगाया जा सकता। नगर शिक्षा अधिकारी को इस पर ध्यान देना चाहिए। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- तनुजा त्रिपाठी, बीएसए