बरेली। लाल फाटक फोरलेन प्रोजेक्ट कब पूरा होगा और कितनी जानें जाएंगी, कुछ पता नहीं। सेतु निगम अफसर अपने को निर्दोष साबित करने और जिम्मेदारी दूसरों पर मढ़ने में लगे हैं। इस बीच आंवला सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से कहा है कि अब तक निर्माणाधीन प्रोजेक्ट कार्य के दौरान नौ निर्दोषों की जानें जा चुकी हैं। इसके जिम्मेदार विभागीय अफसर हैं, इन पर एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजा जाए और जांच कर दंडित किया जाए।
सांसद धर्मेंद कश्यप ने प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले सर्विस लेन नहीं बनाने और मनमानी कार्य प्रणाली पर सवाल उठा दिए हैं। उनका कहना है कि फोरलेन प्रोजेक्ट में विभागीय अफसर जानबूझकर मनमाना रवैया अपनाए हुए हैं, उनकी कार्यप्रणाली भी भ्रष्ट है। यही वजह है कि सर्विस लेन जैसा महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शुरू होने से पहले नहीं किया गया। इस लापरवाही और मनमानी से नौ लोगाें की मौत हो गई, जबकि इस कार्य के लिए 2.65 करोड़ रुपये बजट भी स्वीकृत हुआ था। इसका ठेका भी दिया और कागजों पर आधा अधूरा कार्य कराकर पेमेंट भी किए गए हैं। निर्माण कार्य भी मानक के विपरीत और मनमाने तरीके से किया जा रहा है।
पत्र में सांसद ने लिखा है कि दो वर्ष से चल रहे इस प्रोजेक्ट के निर्माण में पिछले कुछ माह से ही गड़बड़ियां शुरू हुई हैं जो अब चरम पर हैं। उन्होंने लिखा है कि निगम अफसरों की लापरवाही से अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जो गंभीर विषय है। इसके लिए निगम अफसर ही जिम्मेदार हैं। क्योंकि प्रोजेक्ट स्थल पर दोनोें ओर बिजली लाइनें आदि पीछे शिफ्ट होना था, लेकिन विभागीय लचर रवैये से यह काम भी नहीं हो पाया। पिछले दिनाें हुई निर्माण स्थल पर दुर्घटना में एक निर्दोष महिला की खंभे के बीच फंसकर मौत हो गयी।
एफआईआर दर्ज हो
सांसद ने कहा है कि नौ मौतों का जवाबदेह कौन है? उनका आरोप है कि इसके लिए सेतु निगम अफसर ही जिम्मेदार हैं, इसलिए इन पर एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजा जाए। साथ ही भ्रष्ट अफसरों की विभागीय उच्चस्तरीय जांच कराकर दंडित किया जाए। सांसद ने लोक निर्माण मंत्री व उप मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त और डीएम को भी पत्र कार्रवाई के लिए सौंपा है।
दो वर्ष से लाल फाटक प्रोजेक्ट बन रहा है, सर्विस लेन के अभाव में नौ लोगाें की मौत हो गई। इसके लिए विभागीय अफसर जिम्मेदार हैं, भ्रष्ट सेतु निगम अफसरों पर एफआईआर दर्ज कराने और जांच कराने का आग्रह सीएम से किया है।
- धर्मेंद्र कश्यप, आंवला सांसद