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बचा लो पानी वरना खतरे में होगी जिंदगानी

Tue, 05 Jun 2018 01:22 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस - फोटो : social site
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आने वाले 50 वर्षों में बरेली भी भयंकर जल संकट होगा
आलमपुर जाफराबाद और रामनगर डार्क जोन में पहुंचा

अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
पांच जून को फिर पर्यावरण दिवस आ रहा है। जाहिर है कि इस दिन फिर रैलियां निकाली जाएंगी, दिखावे के लिए पौधरोपण भी होगा। संगोष्ठियों में पानी, मिट्टी, वायु, ऊर्जा को संरक्षित करने की बड़ी-बड़ी बातें होंगी, लेकिन असलियत इससे उलट है जो हमें धीरे-धीरे हमें की तरफ ले जा रही है। दुनिया के कई मुल्क जल संकट से जूझ रहे हैं और भारत में भी इसकी दस्तक सुनाई देने लगी है। जल संरक्षण न होने से बरेली जिले में ही दो ब्लॉक डार्क जोन में पहुंच गए हैं। बरेली कॉलेज के भूगोल विभाग के डॉ. सीताराम की रिसर्च में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट में पिछले 12 साल के आंकड़े दिए गए हैं जिसके अनुसार 2006 से 2017 तक बरेली में भू-गर्भ जल का स्तर काफी नीचे आया है। जिन वर्षों में बारिश ज्यादा हुई उसमें स्थिति ठीक है, लेकिन बाकी सालों में पानी का स्तर तेजी से नीचे गया है। डॉ. सीताराम की माने तो आने वाले 50 सालों में बरेली में भी शुद्ध पेयजल का संकट भयंकर रूप ले सकता है।

बरेली में पिछले चार सालों का भूगर्भ जल स्तर (मीटर में)
ब्लॉक 2014 15 16 17
बहेड़ी 3.95 4.91 5.17 4.7
भदपुरा 3.63 4.26 4.99 4.83
भुता 4.58 5.17 5.29 4.99
बिथरी 4.45 5.10 5.36 5.38
फरीदपुर 6.61 7.24 8.11 8.10
फतेहगंज 5.63 6.01 6.61 7.00
क्यारा 4.78 5.18 5.05 5.66
मझगवां 6.07 6.56 7.07 7.66
मीरगंज 5.57 5.95 6.58 7.04
नवाबगंज 3.18 3.60 4.05 3.98
रिछा 4.42 5.26 5.53 5.51
शेरगढ़ 5.29 5.95 6.50 6.98
राम नगर 11.59 12.09 12.53 13.27
आलमपुर 9.58 10.72 11.48 10.64

जिले का 5.17 5.63 6.27 6.34
औसत स्तर
* भूगर्भ जल स्तर 9.17 मीटर से ज्यादा होना चिंता की बात है। यह डार्क जोन का मानक है। जिले के कई ब्लॉक डार्क जोन में पहुंचने की कगार पर हैं।


हाईलाइटर
बरेली का जलस्तर
बारिश से पहले : 6 से 7 मीटर
बारिश के बाद : 5.5 से 6.5 मीटर
सबसे खराब स्थिति रामनगर और आलमपुर जाफराबाद
जिले में तालाब : 17177
सुरक्षित करीब :3000
शहर में तालाब :168
स्थिति : अधिकतर की स्थिति खराब, पचास से ज्यादा खत्म हो चुके

बचाना होगा जल
विशेषज्ञों की माने तो प्रतिदिन एक व्यक्ति को 120 से 135 लीटर पानी की जरूरत होती है। इसमें खाना, नहाना आदि कार्य करता है। आज स्थिति यह है कि प्रतिदिन व्यक्ति 180 से 200 लीटर पानी बरबाद कर रहा है।
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तालाबों-कुओं के साथ नदियों का वजूद भी खतरे में
जिले में तालाबों और कुएं तो अधिकतर खत्म ही हो गए हैं अब नदियों का अस्तित्व भी खत्म होता जा रहा है। बरेली में राम गंगा और उसकी सहायक नौ नदियां हैं और अधिकतर खतर में है। जिनमें पानी में वो इतना प्रदूषित हो चुका है कि वो डेड जोन में पहुंच गया है। बरेली कॉलेज के बॉटनी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर और नदियों को बचाने की मुहिम में बनाई गई जिला कमेटी के सदस्य डॉ. आलोक खरे के अनुसार बरेली में राम गंगा और इसी सहायक नदियां सिद्धा, बहगुल, संखा, देवरनिया, दोजोड़ा, नकटिया और अरिल का अस्तित्व खतरे में है। सिद्धा, बहगुल, अरिल, दोजोड़ा लगभग सूख चुकी हैं।
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