कॉमर्शियल कनेक्शन जारी करने के बदले घूस लेने की जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है, इसमें अवर अभियंता को सीधे तौर पर दोषी ठहराया गया है। मामला मुख्यालय तक पहुंचते ही हाईटेंशन लाइन से कनेक्शन जोड़ने वाले संविदा लाइनमैन को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही मीटर सेक्शन, एसडीओ और जेई पर भी कार्रवाई होनी है।
भोजीपुरा क्षेत्र में एक पोल्ट्री फार्म को कनेक्शन देने के नाम पर वसूली और एक अफसर को घूस नहीं मिलने पर विजिलेंस का छापा डलवाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रांतीय महामंत्री उद्योग व्यापार मंडल राजेंद्र गुप्ता ने रिश्वतखोर अफसरों पर कार्रवाई नहीं होने और उपभोक्ता को नियोजित तरीके से फंसाने पर आक्रोश जताया है, उन्होंने चीफ इंजीनियर एसके गुप्ता से मुलाकात कर चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे में समाधान नहीं हुआ तो छह जून को आंदोलन किया जाएगा। इस बीच सोमवार शाम अधिशासी अभियंता एलबी सिंह ने जांच आख्या सौंप दी। जांच अधिकारी ने संबंधित लोगों के बयान भी शामिल किए हैं, लाइनमैन भोला ने लिखकर दिया है कि उसने कनेक्शन जेई अमित कुमार के निर्देश पर जोड़ा था, जबकि जेई का कहना है कि वह 12 से 21 जून तक अवकाश पर थे। जेई ने बताया कि सारा खेल एसडीओ संजय कनौजिया ने किया है। इसमें मीटर सेक्शन भी शामिल है, क्योंकि इंडेट जारी होने पर भी आज तक मीटर नहीं लगा है। इधर, जेई के बचाव में अवर अभियंता संगठन कूद गया है। संगठन अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने ज्ञापन सौंप कर आरोप लगाया है कि अधिशासी अभियंता परीक्षण खंड (ग्रामीण) ने इंडेट होने के बावजूद मीटर नहीं लगाया। जांच प्रक्रिया में मीटर सेक्शन ने कहा है कि 17 जून को दोबारा जारी इंडेट पर मीटर लगाने के एसडीओ कनौजिया ने मना कर दिया था, इसलिए एसडीओ की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।