बरेली। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह को निजी अस्पताल में निरीक्षण के दौरान 16 आशा कार्यकर्ता बैठक करतीं हुई मिलीं। इन सभी से जवाब तलब किया गया है।
सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह को मिनी बाइपास स्थित नोवा केयर अस्पताल में आशा कार्यकर्ताओं की बैठक की सूचना मिली। इस पर सीएमओ को वहां 16 आशा कार्यकर्ता मिलीं। मौके पर पूछताछ की गई तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। बैठक दिशा-निर्देश दरकिनार कर हो रही थी। प्रकरण में निजी अस्पताल प्रशासन की भी सहभागिता रही। सभी 16 आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने को कहा है। अन्यथा सेवा समाप्ति का निर्णय होगा।
दूसरी ओर, बताया जाता है कि निजी अस्पताल संचालक आशा कार्यकर्ताओं से गर्भवती को सरकारी अस्पताल के बजाय उनके अस्पताल ले आने के लिए कमीशन का लालच देते हैं। पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे। हालांकि, कार्यकर्ता और निजी अस्पताल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इन आशा कार्यकर्ताओं को थमाया नोटिस
बैठक में पांच सीएचसी से संबद्ध 16 आशा कार्यकर्ता थीं। बिथरी चैनपुर की प्रीती, रामा देवी, पूनम, गीता, बबली, नीतू, दलेलनगर की राम लली, सुनीता, रामश्री, सुनीता, रीना, हेमलता, नवाबगंज की सविता, गीता, भोजीपुरा की गुड़िया, भुता की रामा को संंबंधित सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक के जरिए नोटिस जारी किया गया है। चिकित्सा अधीक्षक को भी आशा कार्यकर्ता की गतिविधि की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।