बरेली। नगर निगम में मची खींचतान के बीच करोड़ों रुपये के तमाम प्रोजेक्ट भी लटक गए हैं। हालात यह हैं कि नगर विकास मंत्री ने जिन तीन पार्क के सौंदर्यीकरण का उद्घाटन किया था, समय पर पूरा होना तो दूर उनका काम ही बंद पड़ा है। वहीं राजीव नगर में कई बच्चों की मौत का सबब बन चुके नाले को बनवाने के लिए भी नगर विकास मंत्री ने निर्देश दिए थे, उसका प्रस्ताव भी फाइल में ही दफन होकर रह गया है। अधूरे पड़े नालों की कनेक्टिविटी भी नहीं कराई गई है, जबकि बरसात शुरू हो चुकी है।
गांधी उद्यान
वित्तीय वर्ष 2015-16 में अमृत मिशन योजना के तहत 1.21 करोड़ रुपये से गांधी उद्यान का सौंदर्यीकरण 31 अगस्त 2017 को शुरू हुआ। इसे सितंबर 2017 में पूरा हो जाना चाहिए था। मगर प्रोजेक्ट का समय धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है और अब तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है।
सीआई पार्क
सीआई पार्क का प्रोजेक्ट 1.54 करोड़ का था और इसके 31 मार्च 2017 को शुरू करके 30 सितंबर 2017 को पूरा हो जाना था। इस प्रोजेक्ट के तहत पार्क में पाथ वे एवं कैंटीन बनाई जानी थी। मगर यह प्रोजेक्ट भी अधर में है। इसका उद्घाटन भी नगर विकासमंत्री ने किया था।
अक्षर विहार
अक्षर विहार का प्रोजेक्ट 1.21 करोड़ रुपये का था, जिसे 17 जून 2017 में शुरू होकर 16 अक्तूबर 2017 को पूरा होना था। मगर यहां भी अब तक काम पूरा नहीं हुआ है। पिछले दिनों शासन के अफसरों ने भी यहां का निरीक्षण किया लेकिन अब तक सिर्फ काम पूरा होने का समय ही बढ़ाया जा रहा है।
बाकरगंज प्लांट
नगर निगम ने बाकरगंज का कूड़ा निस्तारण के लिए गुजरात की अमेजो वेस्ट सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से करार किया था। यहां पर एक प्लांट लगने के बाद ही नगर आयुक्त की आपत्ति लग गई। इस आपत्ति का निस्तारण तो हो गया लेकिन निगम अफसरों की अनदेखी से प्लांट संचालक भी अब इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। इससे कूड़ा निस्तारण अधर में फंसता नजर आ रहा है।
तीन करोड़ से कई टुकड़ों में बनाकर छोड़ा नाला
बदायूं रोड पर चौपुला पुल से लेकर करगैना के आगे तक करीब तीन किलोमीटर लंबा नाला बनाया गया है। पिछले तीन सालों में अलग-अलग टुकड़ों में इस नाले के निर्माण पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए। सारे टुकड़ों का निर्माण भी पूरा हो गया है लेकिन यह नाला चौपुला पुल, शांति विहार और गन्ना मिल समेत कई स्थानों पर आपस में जोड़ा नहीं गया है। बरसात शुरू हो चुकी है लेकिन निगम अफसरों ने इस पर भी ध्यान नहीं दिया।
नगर विकासमंत्री के निर्देश पर भी
नहीं बना राजीव नगर का नाला
सुभाषनगर की राजीव नगर कॉलोनी का नाला कई साल से अधूरा है। बरसात में जलभराव के चलते यहां कई बच्चों की डूबकर मौत हो चुकी है। पिछले साल फरवरी में नगर विकासमंत्री सुरेश खन्ना ने यहां का निरीक्षण किया था और नाला पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद निगम अफसर दौड़े नाले की सफाई हुई, अतिक्रमण चिह्नित हुए और नाला बनाने की कवायद शुरू हुई। तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने प्रस्ताव भी तैयार करा लिया, मगर उनके जाने के बाद इस प्रोजेक्ट पर निगम में चर्चा है बंद हो गई है।
पार्कों का काम चल रहा है, जल्दी ही पूरे हो जाएंगे। बीच में बजट की समस्या होने के चलते कुछ रफ्तार कम हो गई थी। राजीवनगर नाले की सफाई तो करा दी गई थी। उसे बनवाने की फाइल दिखवाई जाएगी।
- एसके अंबेडकर, चीफ इंजीनियर, नगर निगम