बरेली। बरसात का सीजन आते ही पौधरोपण के नाम पर फिर से बजट खपाने का खेल शुरू हो गया है। नगर निगम गांधी उद्यान समेत शहर के पार्क और सड़क के डिवाइडर पर करीब 50 हजार पौधे लगाने की तैयारी में है। मगर गांधी उद्यान में पिछले साल लगाए पौधे बदहाली से गुजर रहे हैं। अनदेखी के चलते तमाम पौधे सूख गए हैं तो कुछ गायब हो चुके हैं। वहीं, इस खेल के लिए नगर निगम लोगों की सहूलियत को दरकिनार करने से भी नहीं चूक रहा। इसको लेकर रविवार को ‘अमर उजाला’ की टीम ने गांधी उद्यान का जायजा लिया तो कुछ ऐसे ही हालात सामने आए।
अबकी बार लगेंगे 49,700 पौधे
नगर निगम इस बरसात 49,700 पौधे रोपने की तैयारी में है। यह पौधे नगर निगम के 120 पार्क, सड़क के डिवाइडर और किनारे लगाने की तैयारी है। हर साल इन स्थानों पर पौधे लगाए जाते हैं। पिछले साल भी 42 हजार पौधे लगाए थे। ऐसे में कुछ ही स्थानों पर बार-बार पौधरोपण के चलते नगर निगम की मंशा पर सवालिया निशान लग रहा है।
उजाड़ दिया गाजर घास का मैदान
गांधी उद्यान के पिछले गेट के पास एक छोटा सा मैदान था, जिसमें गाजर घास थी और लोग यहां नंगे पैर टहलते थे। पौधरोपण के चलते निगम ने इस मैदान की जुताई कराकर घास को खत्म कर इसमें गड्ढे कर दिए हैं। इससे टहलने वालों के लिए घास से भरा मैदान खत्म हो गया है।
देखरेख के अभाव में सूख गए पौधे
पिछले साल भी गांधी उद्यान में पौधे लगाए गए थे लेकिन देखरेख की अभाव में इनका हाल खराब है। कुछ पौधे आधे-आधे गायब हो गए हैं तो कुछ जड़ से ही टूट गए हैं। इसके अलावा तमाम पौधे देखरेख के अभाव में सूख भी चुके हैं।
निगम के पार्क, डिवाइडर और सड़क किनारे पौधरोपण किया जाएगा। जो पौधे टूट गए हैं, पानी लगने के बाद वे दोबारा ठीक हो जाएंगे।
- संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम