बहेड़ी (बरेली)। दो दिन तक बहेड़ी और रामपुर की सीमा में विचरण करने के बाद दोनों हाथी उत्तराखंड में हाजापुर के जंगल में पहुंच गए हैं। अब उत्तराखंड वन विभाग और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की टीमें उन्हें चोरगलिया के जंगल में ले जाने की कवायद में जुट गईं हैं।
दो दिन से दोनों हाथी वन विभाग के लिए सिरदर्द बने हुए थे। पूरा अमला किसी तरह हाथियों को उत्तराखंड के जंगल में भेजने की कवायद में जुटा था। इसके लिए कंजर्वेटर ने लखनऊ से वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया और पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम को भी बुलाया था। पटाखे, तेज आवाज वाली गोलियां चलाकर और धुआं करके हाथियों को रामपुर की ओर से वापस बहेड़ी के गांव मनुआपट्टी लाया गया और फिर वहां से उत्तराखंड के हाजापुर जंगल में दाखिल कराया गया। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि उत्तराखंड वन विभाग और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की टीमें हाथियों को चोरगलिया के जंगल में ले जाने की कवायद में जुट गईं हैं। यूपी वन विभाग ने दोनों हाथियों कीड्रोन कैमरे से ली गईं तस्वीरें भी उत्तराखंड की टीमों को दे दी हैं। अब यूपी की सभी टीमें वापस जा चुकी हैं।
दरअसल लखीमपुर थाना गांव के लाखन की एक हाथी के हमले से मौत के बाद पूरा प्रशासन अलर्ट हो गया था। शासन भी कंजर्वेटर से पल-पल की जानकारी ले रहा था। वन विभाग ने हाथियों को ट्रेंकुलाइज करने के भी प्रयास किए, लेकिन लोकेशन ठीक न होने के कारण रणनीति फेल रही।
बहेड़ी से दोनों हाथी उत्तराखंड के जंगल में जा चुके हैं। उत्तराखंड वन विभाग को पहले ही सचेत कर दिया गया था। अब उन्हें चोरगलिया के जंगल में दाखिल कराने की कोशिश की जा रही है। चोरगलिया के जंगल का रास्ता यूपी के कई इलाकों से सटकर जाता है। लिहाजा वन विभाग अब भी सचेत है कि कहीं दोबारा उनका रुख यूपी की तरफ न हो जाए। फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं है। - पीपी सिंह, कंजर्वेटर