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अबकी जलभराव हुआ तो पॉल साहब होंगे जिम्मेदार..

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बरेली। पिछले साल बारिश के दौरान पूरा शहर जलमग्न रहने का लंबा सिलसिला नगर निगम के अफसरों और नुमाइंदों को तो याद नहीं रहा, लेकिन प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक जिला योजना की बैठक के दौरान इस मुद्दे पर काफी गंभीरता दिखाई। उन्होंने नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. से इस बारे में की गई न सिर्फ तैयारियों की जानकारी ली बल्कि यह भी चेता दिया कि अगर दोबारा पिछले साल जैसे हालात हुए तो उसके लिए उन्हें ही जिम्मेदार माना जाएगा। प्रभारी मंत्री ने डीएम को भी इस समस्या को गंभीरता से लेने को कहा।
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जिला योजना की बैठक के दौरान जब नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन बोलने के लिए खड़े हुए तो प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक ने उन्हें बीच में रोकते हुए शहर में जलभराव न होने देने के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी मांगी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि बारिश आने वाली है, लिहाजा अभी से सारी तैयारियां कर ली जाएं ताकि शहरवासियों को सड़कों और कॉलोनियों-मोहल्लों में पानी भरने से दिक्कत न हो। नगर आयुक्त के कोई जवाब देने से पहले ही शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि जलभराव से बचाव के इंतजाम इस बार भी ठीक नहीं लग रहे हैं। संजयनगर के हालात काफी खराब हैं। पिछले साल भी संजयनगर के लोगों ने बारिश के दौरान कई दिनों तक भीषण समस्या का सामना किया था। इसी दौरान भाजपा के महानगर अध्यक्ष केएम अरोरा ने कहा कि संजयनगर में तो इस बार बारिश होने से पहले ही हालात काफी खराब हैं। वहां हाल ही में कई दिनों तक पानी भरा रहा था।
नगर आयुक्त ने कहा कि संजयनगर निचला इलाका है, इसलिए वहां जलभराव की समस्या ज्यादा है। फिर भी वहां जलभराव न होने देने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि कुछ नालों की सफाई के टेंडर अभी नहीं हो पाए हैं। इस पर प्रभारी मंत्री के तेवर तल्ख हो गए। उन्होंने कहा कि टेंडर हुए हैं या नहीं, यह उन्हीं की जिम्मेदारी है। शहर में जलभराव किसी हालत में नहीं होना चाहिए वर्ना उनसे जवाब मांगा जाएगा। इस बीच डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने भी नगर आयुक्त की पैरवी करने की कोशिश की। प्रभारी मंत्री की बात खत्म होते ही बैठक में चर्चा के लिए दूसरा मुद्दा रख दिया गया।
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अफसरों पर बरसे.. बजट सबने खर्च कर लिया
पर लाभार्थियों की सूची किसी के पास नहीं
सीवीओ डॉ. ललित कुमार वर्मा ने बताया कि बेब माध्यम से टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान में 26.67 लाख रुपये खर्च हुए। प्रभारी मंत्री ने खरीदे गए सामान की सूची मांगी तो सीवीओ ने इनकार कर दिया। इस पर वह उखड़ गए। विधायक बहोरनलाल ने कहा कि जानवरों के अस्पताल के निर्माण में पीली ईंट लग रही है। मीटिंग में पहुंचे पराग डेयरी के सुपरवाइजर से प्रभारी मंत्री ने पूछा कि जीएम कहां हैं। जवाब मिला- पूना गए हैं। प्रभारी मंत्री ने इस पर नाराजगी जताने के बाद उनसे नई समितियों की सूची मांगी तो वह भी बगलें झांकने लगे। इस पर प्रभारी मंत्री फिर उखड़ गए। बोले- सब बजट खर्च करने की बात कर रहे हैँ। लाभार्थियों की सूची कोई नहीं दिखा रहा है। उन्होंने सांसद-विधायकों समेत सभी जनप्रतिनिधियों को लाभार्थियों की सूची भेजने और डीएम से अप्रूवल भी लेने को कहा। गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने सड़कों के निर्माण की जानकारी तो दी लेकिन सांसद और विधायकों से शिलान्यास और उद्घाटन न कराने के सवाल का जवाब नहीं दे पाए। प्रभारी मंत्री ने उन्हें भी चेतावनी दी। बैठक में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, सांसद धर्मेंद्र कश्यप, विधायक डॉ. अरुण कुमार, बहोरनलाल मौर्य, छत्रपाल गंगवार, केसर सिंह, राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल, प्रो. श्याम बिहारी लाल, जिपं अध्यक्ष संजय सिंह, डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त सैमुअल पाल एन, ब्लाक प्रमुख सत्येंद्र यादव, आदि मौजूद थे।

भाजपा नेता भी पहुंचे
भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा, आदेश प्रताप सिंह, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष महाराज सिंह समेत कई भाजपा नेता भी जिला योजना समिति की बैठक में पहुंचे। इससे सभागार में अव्यवस्था की स्थिति हो गई। कुर्सियां कम पड़ गईं। भीड़ बढ़ने से उमस भी बढ़ गई। एयर कंडीशन फेल थे। केवल पंखे चल रहे थे। उसमें उमस नहीं रुक रही थी, जिससे माननीय परेशान हो गए।
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