बरेली। वैसे तो जिला योजना की बैठक में विकास कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, लेकिन इस दौरान के विधायकों के अपने दर्द भी खूब छलके। योगी सरकार का कोई विधायक अपने इलाके के अफसरों से त्रस्त दिखा तो कोई जिले के अफसरों से। विधायकों के दुखड़ों पर एक-दूसरे की चुटकियां ली गईं तो वक्त पर साथ न देने के गिले-शिकवे भी हुए। एक विधायक तो अपने इलाके के इंस्पेक्टर को हटवाने के लिए बाकायदा मुख्यमंत्री योगी के नाम पत्र लिखकर लाए थे, जिस पर वह साथी विधायकों से अपने भी दस्तखत कर देने के लिए खुशामद करते रहे। कुछ ने दस्तखत कर दिए तो एकाध ने ताना कसकर कन्नी काट ली।
जिला योजना की बैठक में हिस्सा लेने से पहले भाजपा के विधायक पहले सर्किट हाउस में इकट्ठे हुए और फिर विकास भवन के सभागार में पहुंचे। इस बीच विधायकों ने अपने ‘दुख-दर्द’ भी एक-दूसरे के साथ साझा किए। एक भाजपा विधायक अपने इलाके के इंस्पेक्टर को न हटाने को लेकर एसएसपी से काफी नाराज थे और मुख्यमंत्री के नाम लिखे पत्र में इंस्पेक्टर की करतूतों की फेहरिस्त लेकर पहुंचे थे। इंस्पेक्टर के खिलाफ इन शिकायतों पर समर्थन जुटाने के लिए वह शुरू से आखिर तक दूसरे विधायकों के दस्तखत कराने में जुटे रहे। एक विधायक ने इस दौरान यह कहते हुए उनकी चुटकी भी ली कि पिछले साल जब उनका एसएसपी से पंगा हो गया था तब कोई विधायक उनके साथ खड़ा नहीं हुआ था। बोले, अगर उस समय उनके साथ बाकी विधायक खड़े हुए होते तो यह नौबत ही नहीं आती।
जिले के एक विधायक की पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों से चली लंबी जंग भी विधायकों के बीच चर्चा का विषय बनी। कहा गया कि उस समय पूरी अफसरशाही विधायक के खिलाफ हो गई थी, लेकिन फिर भी न संगठन ने साथ दिया न दूसरे विधायकों ने। महीनों बाद खुद विधायक की कोशिश से यह विवाद निपट पाया।
हम तो खुद ही निपट लिए.. अब आप जानो
एक विधायक बोले कि जब उन पर केस दर्ज कराए गए थे तब कोई साथ नहीं आया, उन्होंने तो अकेले ही अफसरों से मोर्चा लिया और अपना मामला निपटा भी लिया। उन्होंने कहा कि यही हाल रहा तो अभी और भी विधायकों पर केस दर्ज होंगे और वे जेल भी जाएंगे। उन्होंने दो विधायकों को इशारों में इंगित करते हुए कहा कि अभी तो वे अफसरों के साथ नजदीकियां बनाए हुए हैं लेकिन बचेंगे वे भी नहीं।
मेयर ने पार्षदों को फंसा दिया.. खुद विदेश निकल गए
सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक से मिलने पहुंचे भाजपा के कुछ पार्षदों ने भी दुखड़ा रोया कि अपनी सरकार होते हुए नगर निगम में उनकी बेइज्जती हो रही है। मेयर ने पूरा दम लगा दिया लेकिन नगर आयुक्त को नहीं हटवा पाए। एक विधायक पार्षदों से बोले- पहले तो यह समझ लो कि मेयर ने आप सबको फंसवा दिया। अब आप लोगों पर केस दर्ज हो गया तो खुद सैरसपाटे के लिए विदेश निकल गए। उन्हें तो इस लड़ाई में खुद सामने आना चाहिए था। विधायक की बात से सहमत कुछ पार्षदों ने नगर आयुक्त के खिलाफ लड़ाई के तरीके पर भी सवाल उठाए। बोले- नगर आयुक्त के खिलाफ धरना देने की जरूरत नहीं थी, और तरीके थे उनसे निपटने के। मगर सब कुछ गड़बड़ हो गया। अब कोई सुन नहीं रहा। नगर आयुक्त के न हटने से अपनी सरकार में उनकी बेइज्जती हो रही है।
विधायक जी! आप दिल्ली के पांच
सितारा ही गए.. वो तो गए दुबई
बरेली। विधायकों के बीच आपसी बातचीत के दौरान एक विधायक के सपा नेता के सौजन्य से दिल्ली के फाइव स्टार होटल में ठहरने का भी मामला चर्चा में आया। खरा-खरा बोलने के लिए चर्चित एक विधायक ने उनकी एक सपा नेता की नजदीकियों को लेकर सीधे-सीधे तंज कसा। यहां तक कह दिया, सपा नेता का जब आपसे मतलब था तो वह आपको दिल्ली के फाइव स्टार होटल में ले गया। अब वह सपा छोड़कर भाजपा में आ गया तो दूसरे विधायक को लेकर दुबई चला गया और वहां उसे होटल में मौज-मस्ती कराई। इस बार आपको पूछा तक नहीं। निशाने पर आए विधायक ने सफाई दी कि दिल्ली के फाइव स्टार होटल में कोई ऐसी-वैसी बात नहीं हुई थी। वह तो वहां सिर्फ रुके ही थे।
दरअसल यह मामला दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के दौरान उछला था। सपा नेता दक्षिण की धार्मिक यात्रा के बहाने बरेली से दिल्ली पहुंचा था जबकि विधायक जी कार्यसमिति में हिस्सा में लेने के लिए गए थे। दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में दोनों संगठन के एक नेता के लिए बुक कराए कमरे में बगैर उसे सूचना दिए ही ठहर गए। आधी रात के बाद संगठन के नेता जब अपने कमरे में ठहरने के लिए पहुंचे तो वहां विधायक जी को सपा नेता के साथ कब्जा जमाए देख आग बबूला हो गए थे। इस बात पर भी सवाल उठे थे कि विधायक सपा नेता के साथ इस तरह चोरी-छिपे आखिर किसी और के लिए बुक कमरे में क्यों रात को रुके थे। उस दौरान इस घटना की पार्टी में काफी चर्चा रही थी। मामला हाईकमान तक भी पहुंचा था लेकिन बाद में शांत हो गया। शनिवार को खरे विधायक ने सार्वजनिक रूप से इस घटना की चर्चा कर अपने साथी के पुराने जख्म हरे कर दिए।
एक्सईएन साहब! बहेड़ी के विधायक तोताराम नहीं..
प्रभारी मंत्री के सामने एक्सईएन लघु सिंचाई बोले- बहेड़ी के विधायक तोताराम, बिथरी के चेतराम
बरेली। जिला योजना समिति की बैठक में उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब एक्सईएन लघु सिंचाई कुलदीप मिश्रा ने प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक को बताया कि निशुल्क बोरिंग के लाभार्थियों की सूची वह बहेड़ी के विधायक तोताराम और बिथरी के विधायक चेतराम को दे चुके हैं। एक्सईएन के इस दावे पर पहले तो जमकर कहकहे लगे, फिर प्रभारी मंत्री ने उनकी इस बात पर जमकर फटकार लगाई कि उन्हें सांसद और विधायकों तक के नाम पता नहीं हैं।
जिला योजना समिति की बैठक में एक्सईएन लघु सिंचाई की बारी आई तो वह अपनी सीट से खड़े होकर बोले कि पिछले साल 6.78 करोड़ में से 87 लाख रुपये ही मिले थे जिससे 941 निशुल्क बोरिंग किए गए थे। इस बार 674.5 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक ने उनसे पूछा कि लाभार्थियों की सूची विधायकों को दी थी या नहीं। इस पर उन्होंने विधायकों के जो नाम बताए, उन पर बैठक में मौजूद सभी लोग हंसने लगे। प्रभारी मंत्री ने उन्हें फटकार लगाने के बाद सांसद और विधायकों से घर जाकर मिलने और उन्हें लाभार्थियों की सूची देने को कहा।