बरेली। शनिवार को प्रस्तावित कैंट बोर्ड की बैठक में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के हाट बाजार नहीं हटाने समेत दुकानों की नीलामी के प्रस्ताव पर जमकर हंगामे के आसार हैं। पूर्व की बोर्ड की बैठक में हाट बाजार को अवैध बताते हुए दुकान हटाने का आदेश कर चुका कैंट बोर्ड केंद्रीय मंत्री के इस प्रस्ताव पर विरोध में है। हालांकि अब आदेश बदला जाएगा या नहीं इसका फैसला शनिवार को बोर्ड की बैठक में होगा।
कैंट के सदर बाजार में अवैध घोषित हाट बाजार को फरवरी में हुई बोर्ड की बैठक में तत्काल बंद कराने का प्रस्ताव बोर्ड पास कर चुका है, जिस पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने पिछले माह पत्र लिखकर हाट बाजार को हटवाने के बजाय उसे बेहतर तरीके से बसाए जाने की सिफारिश की थी, जिसके चलते कैंट बोर्ड के अधिकारी और केंद्रीय मंत्री आमने-सामने आ गए हैं। बताया जाता है कि केंद्रीय मंत्री के प्रस्ताव पर भाजपा के बोर्ड सदस्य भी सहमत नहीं हैं। दूसरी ओर दुकानों की नीलामी के प्रस्ताव पर दुकानदारों ने सभी बोर्ड सदस्यों को ज्ञापन सौंपकर प्रस्ताव निरस्त कराने की मांग की है। उनके मुताबिक नियमानुसार प्रीमियम लिए जाने के बाद दुकान खाली नहीं कराई जा सकती। कैंट के बीआई बाजार, सदर बाजार के व्यापारियों का कहना है कि अधिकारी और कर्मचारी कर्तव्य का निर्वहन सही ढंग से नहीं कर रहे।
टल गया था दुकानों की नीलामी का प्रस्ताव
पिछली मीटिंग में दुकानों की नीलामी का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन वर्षों पुरानी दुकानों की नीलामी करनेे की मुख्य वजह सामने न आने पर कैंट बोर्ड के अध्यक्ष ने सभी दस्तावेज मांगे थे, जिसके चलते प्रस्ताव टल गया था। शनिवार को इस पर फैसला होगा। साथ ही लाल फाटक टोल पर वाहनों के आवागमन बढ़ने से लाइसेंस फीस बढ़ाए जाने, सब्जी बाजार के शौचालय की मरम्मत कराने, सब्जी बाजार के दुकानों की लाइसेंस फीस बढ़ाए जाने समेत करीब 18 प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी।