बरेली। बहेड़ी में अवैध खनन पर योगी सरकार के अफसरों की छत्रछाया की पुष्टि पहली बार मई के पहले हफ्ते में तब हुई थी जब विधायक छत्रपाल सिंह और इंस्पेक्टर धनंजय सिंह के बीच कोतवाली में खुलेआम हुए टकराव पर पूरा सिस्टम चुप्पी साध गया था, अब पोकलैंड मशीनों ने सिस्टम की खनन माफिया से साठगांठ की पोल खोल दी है। विधायक से तनातनी के दिनों में इन पोकलैंड मशीनों को इंस्पेक्टर ने ईद के दिन छापा मारकर कब्जे में लिया था। पुलिस ने इशारे में यह भी बता दिया था कि इन पोकलैंड मशीनों से एक ‘माननीय’ का भतीजा किच्छा नदी में अवैध खनन करा रहा था, लेकिन इसके बावजूद न सिर्फ एक ही हफ्ते में दोनों पोकलैंड मशीनें फिर माफिया के पास पहुंच गईं बल्कि फिर उनका इस्तेमाल किच्छा नदी में अवैध खनन में शुरू कर दिया गया। बृहस्पतिवार को शासन ने बहेड़ी में दोनों खनन पट्टे रद्द कर दिए, फिर भी दोनों मशीनें नदी में खनन करती रहीं।
खनन पट्टों की आड़ में पुलिस-प्रशासन की साठगांठ से बड़े पैमाने पर अवैध खनन चल रहा था, यह खुलासा इंस्पेक्टर के पोकलैंड मशीनों को पकड़ने से ही हो गया था। दरअसल पोकलैंड मशीनों के इस्तेमाल पर शासन की सख्त रोक है। बताया जाता है कि किच्छा नदी में काफी समय से पोकलैंड मशीनें अंधाधुंध खनन कर रही थीं, लेकिन इंस्पेक्टर ने इन्हें नरायन नगला में तब पकड़ा जब विधायक उनके ट्रांसफर का दबाव बना रहे थे। इसके बावजूद अधिकारियों ने पूरा मामला पट्टाधारक ों के रॉयल्टी न जमा करने की ओर घुमा दिया। कुछ दिन बाद आधी-अधूरी रॉयल्टी जमा कराकर पट्टे को फिर बहाल कर दिया गया। इस बीच पोकलैंड मशीनें भी फिर माफिया के हाथों में पहुंच गईं और फिर जमकर खनन शुरू हो गया। 25 जून को शासन से आई टीम ने यहां पोकलैंड मशीनों से खनन होता देखा तो दंग रह गई। पट्टा निरस्त होने के बाद शुक्रवार सुबह नारायन नगला से यहां से पोकलैंड मशीनों को हटाया गया।
एसडीएम को कुछ पता ही नहीं
नरायन नगला में खनन कर रही पोकलैंड मशीनों को जब्त कर लिया गया था। दोबारा उनका इस्तेमाल खनन के लिए कैसे होने लगा, इसकी मुझे तो कोई जानकारी नहीं है। बहरहाल शासन के आदेश के बाद खनन पूरी तरह बंद करा दिया गया है ।- ममता मालवीय, उपजिलाधिकारी, बहेड़ी
शासन ने खनन अधिकारी को हटाया
शासन ने बहेड़ी में पोकलैंड मशीनों से अवैध खनन का मामला सामने आने के बाद जिला खनन अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव को हटा दिया है। उनकी तैनाती मुरादाबाद और बरेली के क्षेत्रीय कार्यालय में कर दी गई है। खनन अधिकारी अनुराग ने 18 मार्च को यहां चार्ज संभाला था। उनके कार्यकाल में रामगंगा और बहेड़ी में किच्छा नदी में अवैध खनन के बड़े मामले सामने आए। इसके बाद उनसे खनन अधिकारी का चार्ज छीन लिया गया है। उनकी जगह पर रामपुर से आ रहे कमल कश्यप कार्यभार लेंगे। हालंकि खनन अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव का कहना है कि उनकी पदोन्नति होनी थी। प्रमोशन देकर ही उन्हें क्षेत्रीय कार्यालय भेजा गया है।