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रास्ता भटककर बहेड़ी क्षेत्र में पहुंचे थे नेपाल के हाथी

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बरेली। बहेड़ी क्षेत्र में पहुंचे दोनों जंगली हाथी जलभराव के कारण तीन दिन पहले नेपाल के जंगल से रास्ता भटककर पहले पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) पहुंचे, बाद में वहां से उत्तराखंड के बार्डर से सटे पीलीभीत के अमरिया के कृषि क्षेत्र में पहुंचे थे। वहां से बुधवार की रात चल कर दोनों हाथी बहेड़ी क्षेत्र में पहुंचे। इनमें से ही एक हाथी ने बहेड़ी क्षेत्र में एक किसान को सूंड़ में दबाकर पटक कर मार दिया।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की सीमा से नेपाल की शुक्ला फाटा सेंक्चुरी का जंगल सटा है। नेपाल के इस रिजर्व वन क्षेत्र में जंगली हाथियों की संख्या अच्छी खासी है। इसके अलावा पीटीआर का एक छोर लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क के वन क्षेत्र से भी जुड़ा है। दुधवा नेशनल पार्क में भी हाथियों की संख्या काफी है। दुधवा में तो नेपाल से अक्सर हाथी आते रहते हैं, लेकिन पीलीभीत टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र में नेपाल के हाथी बहुत कम आते हैं। कई बार नेपाल के हाथी पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में पहुंच कर किसानों की फसलें तबाह कर चुके हैं, लेकिन दो-तीन दिन के बाद स्वयं वापस नेपाल के जंगल में चले जाते हैं। इन हाथियों के संबंध में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि हाल ही में हुई बारिश के बाद नेपाल के नदी नालों के उफना जाने से यह हाथी रास्ता भटक कर पहले नेपाल सीमा से सटे पीटीआर के जंगल में पहुंचे थे। वापस जाने के प्रयास में यह हाथी घूमते हुए भटक कर दो दिन पहले पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र में पहुंचे। यह क्षेत्र भी उत्तराखंड की सीमा से सटा है। इसके बाद भी वह उत्तराखंड के जंगल में नहीं जा सके और रास्ता भटक कर बहेड़ी क्षेत्र में आ गए।
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