बरेली। नगर निगम की टीम ने मंगलवार को गांधी उद्यान से स्टेडियम तक अतिक्रमण पर लाल निशान लगाए। सड़क किनारे जगह-जगह लगे खोके और दुकानें चिह्नित की गई हैं। ईंट पजाया चौराहे पर भी दुकानों के बाहर रखे सामान को भी चिह्नित किया गया है। बुधवार को यहां अतिक्रमण हटाया जाएगा।
पिछले साल मेयर उमेश गौतम ने जोरदार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। अब नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. अवैध कब्जे हटवाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए एक जुलाई से अभियान चलाने का रूटचार्ट भी तैयार किया गया है। मगर उससे पहले ही छुटपुट कब्जे हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। नगर आयुक्त के निर्देश पर मंगलवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान के प्रभारी ललतेश सक्सेना ने गांधी उद्यान से स्टेडियम तक अतिक्रमण हटाने के लिए लाल निशान लगवाए। नगर निगम की टीम ने गांधी उद्यान के बाद सबसे पहले बीएसए कार्यालय के बाहर सड़क किनारे दुकान वालों को कब्जे हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम चेतावनी देती हुई आगे बढ़ी, बरेली कॉलेज गेट पर खोका और जूस के ठेला पर लाल निशान लगाए और हटाने के निर्देश दिए। ललतेश सक्सेना ने बताया कि बुधवार को यह सभी कब्जे हटवाए जाएंगे।
ईंट पजाया, फिर कब्जाया
पिछले साल निगम टीम ने ईंट पजाया चौराहे पर जोरदार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। दोनों ओर बीस-बीस फुट तक अवैध कब्जे हटाए गए। मगर सड़क चौड़ी होने के बाद कबाड़ी और दुकान वालों ने फिर से अवैध कब्जे शुरू कर दिए हैं। सड़क के दोनों ओर दुकानदारों ने अपना सामान बाहर रखा है, निगम टीम ने इस पर भी लाल निशान लगाए हैं।
श्यामगंज पुल के नीचे फिर हो गए कब्जे
सोमवार को निगम टीम ने श्यामगंज पुल के नीचे व्यापारियों को चेतावनी देने के बाद कब्जे हटवाए थे। इस दौरान विरोध भी हुआ था। मगर व्यापारियों ने शाम को ही कब्जे जमा लिए थे। मंगलवार को भी यहां कब्जे जमे नजर आए।
डीडीपुरम में ठेले हटाने के निर्देश
निगम टीम चिह्नीकरण के दौरान ही डीडीपुरम भी पहुंची। चौराहे पर एलआईसी कार्यालय के बाहर पिछले दिनों निगम टीम ने ठेले-खोमचे हटवाए थे। मगर यह कब्जे फिर से हो गए हैं। मंगलवार को निगम टीम ने इन्हें भी हटाने के निर्देश दिए हैं।
स्टेडियम रोड रेता-बजरी वालों के हवाले
संजयनगर तिराहा, डीडीपुरम मोड़ और डेलापीर पेट्रोलपंप तक सड़क की पटरी पर रेता-बजरी वालों ने कब्जा कर रखा है। निगम टीम ने इन्हें भी हटाने का आदेश जारी किया है। पहले भी इन्हें हटवाया गया था लेकिन कार्रवाई बंद होते ही कब्जा फिर जम गया।