बरेली। मानसून की शुरुआती बारिश ही राहत के साथ आफत लेकर आई है। बारिश की वजह से लोहे के गले हुए पुराने बिजली पोल से करंट उतर रहा है जो इंसानों के लिए भी जानलेवा बन सकता है। सोमवार को साईं मंदिर के आगे भरे पानी में होकर निकल रहे तीन बंदरों की इसी करंट की चपेट में आ गए। मौत के बाद आसपास मौजूद बंदरों के झुंड ने रास्ता बंद कर दिया। इस दौरान जुटे श्रद्धालुओं ने सड़क पर बिजली विभाग के विरोध में नारेबाजी की। पुलिस ने सप्लाई बंद कराई तो पुजारी ने बंदरों का विधिविधान से अंतिम संस्कार कराया।
सोमवार सुबह दस बजे करीब नैनीताल रोड पर कुदेशिया फाटक के पास सांई मंदिर के सामने बरसात का पानी भर गया था। बिजली का लोहे का पोल इस पानी की जद में आया तो पानी में करंट उतर आया। इसी बीच बंदरों का एक झुंड मंदिर के सामने से निकलकर जा रहा था। आगे चल रहे तीन बंदर करंट की चपेट में आए और तड़पकर पानी में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद साथ चल रहे बंदर पीछे हट गए। हालांकि साथी बंदरों की मौत के बाद उन्होंने रास्ता बंद कर दिया। बंदर आसपास लोगों को घुड़की भी दे रहे थे। थोड़ी ही देर में आसपास काफी भीड़ जमा हो गई। मंदिर के अंदर से भी श्रद्धालु भी निकल आए। लोगों ने अव्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जानकारी पर अशरफ खां छावनी चौकी प्रभारी पवन कश्यप मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को शांत किया और पानी की तरफ जाने से वाहन चालकों को भी रोका। बिजली दफ्तर कॉल करके सप्लाई बंद कराई। करीब एक घंटे यहां रास्ता बाधित रहा। लोग आसपास के संपर्क मार्गों से होकर निकले। चर्चा थी कि बंदरों ने अपनी जान देकर इंसानों को बचा लिया। इनसे पहले अगर कोई शख्स इधर होकर निकलता तो उसका बचना मुश्किल था। बाद में बिजली स्टाफ ने मरम्मत भी की।
गाय और घोड़े की भी करंट से मौत
जोगीनवादा रामलीला ग्राउंड में लावारिस गाय बिजली के लोहे के पोल से चिपककर मर गई। बारिश में सुबह के वक्त यह हादसा हुआ तो मौके पर काफी भीड़ लग गई। बाद में सप्लाई बंद कराकर गाय को वहां से हटाकर दफनाया गया। वहीं बिहारीपुर में पोल में करंट उतरने से उसकी चपेट में आने से घोड़े की चिपक कर मौत हो गई।