फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्री मानसून से हड़कंप- पॉल साहब! निपट गए हों तो संजयनगर-रेजीडेंसी की ‘जलभराव जंग’ भी देख लें

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। नगर निगम में मचे घमासान के बीच शहर की जनसामान्य से जुड़ी व्यवस्था भी प्रभावित हुईं। सफाई हो या निर्माण कार्य, कहीं थमा तो कहीं रफ्तार प्रभावित हुई। संजयनगर का नाला भी इसमें फंस गया है, जिसके चलते करीब तीन महीने पहले शुरू हुआ नाला निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है।
विज्ञापन

मानसून दस्तक दे चुका है और शनिवार को हल्की बारिश में ही संजयनगर में इसका असर दिखने लगा है। पिछले साल जलभराव का दर्द झेल चुके लोग इस बार बरसात से दहशत में हैं। इसके चलते रेजीडेंसी समेत अन्य कॉलोनियों में रहने वालों ने जलभराव से बचने के इंतजाम शुरू कर दिए हैं। रविवार को अमर उजाला की टीम ने पूरे इलाके का जायजा लिया तो कुछ ऐसे ही हालात निकलकर सामने आए।
संजयनगर में बने संपवेल पर पुराना शहर, संजयनगर और उसके आसपास स्थित तमाम इलाके का पानी निकालने का लोड है। मगर संपवेल से नकटिया नदी तक पानी पहुंचाने वाले नाले की चौड़ाई कम होने के चलते पानी वापस होकर संजयनगर और रेजीडेंसी गार्डन समेत आसपास की कॉलोनियों में ही भर जाता है। पिछले साल इसको लेकर हालात इतने भयावह हुए कि रेजीडेंसी गार्डन में तमाम लोगों को अपने घर को छोड़कर होटल में रहना पड़ा था। परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर सड़क जाम की तो निगम के अफसरों ने अगली बारिश में इंतजाम करने का दावा किया। मगर इसमें भी ढिलाई बरती गई। रेजीडेंसी गार्डन के लोगों के करीब दर्जन भर आवेदन के बाद तीन महीने पहले संपवेल से पानी निकासी वाला नाला चौड़ा करने की कवायद शुरू हुई। मगर काम की रफ्तार अब भी काफी धीमी है।
विज्ञापन


आधा घंटे की बारिश में भरा पानी
शनिवार को हुई आधा घंटा की बारिश में ही संजयनगर में पानी भर गया है। संजयनगर से स्टेडियम जाने वाली सड़क, अशोक विहार और पीछे की कई गलियों में पानी की निकासी न होने से जलभराव हो गया है, जिसके चलते लोग पिछले साल का जलभराव याद करके दहशत में हैं।

तीन महीने में हुआ 70 फीसदी काम
जलनिकासी की व्यवस्था के लिए संजयनगर में करीब छह महीने पहले एक करोड़ से अधिक की लागत से 600 मीटर लंबा नाला स्वीकृत हुआ था। मगर निर्माण कार्य तीन महीने पहले ही शुरू हुआ। काम की रफ्तार कम होने के चलते अब तक करीब 70 प्रतिशत काम ही हो सका है। मानसून भी दस्तक दे चुका है, ऐसे में अगर शीघ्र नाला निर्माण पूरा नहीं हुआ तो यहां के निवासियों को फिर पिछले साल जैसे ही हालात का सामना करना पड़ेगा।

पानी रोकने को रेजीडेंसी गार्डन में बनाई दीवार
पिछले साल का जलभराव याद कर रेजीडेंसी गार्डन के लोगों ने इस बार इंतजाम शुरू कर दिए हैं। संजय नगर की ओर से जिस तरफ से पानी आता था, वहां दीवार बना दी गई है। मगर कॉलोनी गहराई में होने के चलते जलभराव से बचने की संभावना कम ही है।

दहशत में लोग, समेट रहे सामान
पिछले साल कई दिन जलभराव के चलते लोगों का खासा नुकसान हुआ था। इसके चलते तमाम लोगों ने इस बार अभी से ही इंतजाम शुरू कर दिया है। रेजीडेंसी गार्डन में कुछ लोगों ने अपना सामान घर के ऊपर हिस्से में पहुंचाना शुरू कर दिया है तो कुछ लोग सामान के नीचे ईंटें रखकर उसे ऊंचा कर रहे हैं।

लोगों की बात
कालोनी में दीवार बना दी गई है, नाले का काम भी चल रहा है। मगर पिछले साल की बारिश को लेकर मन में डर है, अब देखते हैं कि इस बार क्या स्थिति रहती है।
- एकता भाटिया, रेजीडेंसी गार्डन

पिछले साल तो पानी भरने से घरों में बड़े-बड़े कीड़े आ रहे थे। छोटे बच्चे की वजह से मेरे बेटे को होटल में रहना पड़ा था। अब तो बरसात के नाम से ही दहशत हो रही है। - सिंपी जौली, रेजीडेंसी गार्डन

पिछले साल बरसात के दौरान हमारी एक कार उसी में खड़ी रही थी और पूरी तरह से बर्बाद हो गई। कॉलोनी के गेट से घर तक आने के लिए रिक्शा लगाना पड़ा था।
- अभय, रेजीडेंसी गार्डन

नगर निगम अफसरों की लापरवाही के चलते नाला निर्माण का काम धीमी गति से हो रहा है। सड़क भी नहीं बनाई गई है, इसके चलते जलभराव की चिंता है।
- ज्ञानेंद्र, संजयनगर

शनिवार को थोड़ी देर के लिए बारिश हुई थी और उससे ही यहां पानी भर गया है। अभी तो पूरी बरसात का मौसम बाकी है, डर लग रहा है कि आगे क्या हाल होगा। - पूनम, संजयनगर

पिछले साल हमारे यहां कमर तक पानी भर गया था। मेयर और अधिकारी भी आए थे। कहा था-अगली साल दिक्कत नहीं होगी लेकिन ऐसी स्थिति नजर नहीं आ रही। - कुसुम, संजयनगर

बिना सूचना खोदी पुलिया, आवागमन बाधित
बरेली। आलमगिरीगंज और मठ की चौकी मोड़ के पास नाला पर बनी पुलिया लंबे समय से चोक थी, जिसके चलते वहां पानी भर जाता था। नाला सफाई शुरू हुई तो पुलिया को खोलने का प्रयास हुआ, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली। इस पर नगर निगम की टीम ने शनिवार रात में यह पुलिया पूरी तरह से खोद दी। इसके चलते बांसमंडी से मठ की चौकी होकर आलमगिरीगंज जाने वाला रोड बंद हो गया है। बिना सूचना के पुलिया खोद देने से लोग यहां तक जाकर लौट रहे हैं। मगर निगम अफसरों ने इसकी सूचना तक जारी करना जरूरी नहीं समझा। यहां पर यह दिक्कत चार-पांच दिन बने रहने का अनुमान है।

बरसात आई तो याद आया सफाई अभियान
बरेली। मानसून दस्तक दे चुका है, किसी भी दिन बारिश शुरू हो सकती है और नगर निगम को अब सफाई अभियान याद आया है। पर्यावरण अभियंता एवं प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी संजीव प्रधान ने मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक को 23 जून से 30 जून तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कालोनियों में कूड़े के वाले स्थान, शौचालय, नाले-नालियों आदि की सफाई की जानी है। ऐसे में नगर निगम की कार्य योजना पर ही सवाल उठ रहा है।

कूड़े से पाट दिया नाला
नगर निगम की अनदेखी के चलते राजकीय इंटर कॉलेज से बिहारीपुर चौकी की ओर जाने वाली सड़क के किनारे बना नाला महीने भर में ही कूड़े से पाट दिया गया है। पिछले दिनों नगर निगम ने इसकी सफाई कर कूड़ा डालने वाले व्यापारियों को चालान की चेतावनी दी थी। मगर फिर भी आसपास के दुकानदारों ने इसे कूड़े से भर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें