‘महिलाएं परिवार की धुरी, रहेंगी स्वस्थ तभी संभलेगा परिवार’
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अपराजिता के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई कार्यशाला
डॉक्टर बोले, महिलाएं रहेंगी स्वस्थ तो परिवार होगा मजबूत
सहसवान (बदायूं)। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत शनिवार को सहसवान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ‘स्वास्थ्य के प्रति कितनी जागरूक हैं आधी आबादी’ विषय पर कार्यशाला, हुई, जिसमें ग्रामीण महिलाओं को स्वस्थ रहने के तरीके ही नहीं बल्कि उसका महत्व भी समझाया गया। उन्हें बताया गया कि उनके स्वस्थ रहने से परिवार मजबूत होगा और तभी परिवार खुशहाल रह सकेगा।
शनिवार को आयोजित कार्यशाला में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. इमरान खान ने कहा कि महिलाएं परिवार की धुरी होती हैं। उनके स्वस्थ रहने से पूरा परिवार खुश रहता है। परिवार को खुशहाल बनाने में महिलाओं की अहम भूमिका होती है। परिवार चलाने की जिम्मेदारी भी उन पर सबसे अधिक रहती हैै। महिलाओं को शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहना जरूरी है। महिलाएं स्वस्थ होंगी तो आने वाला नया मेहमान (शिशु) भी स्वस्थ और हृष्ट पुष्ट होगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वस्थ रहने के तरीके भी समझाए।
डॉ. सरित तोमर ने महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए कई प्रकार के उदाहरण देकर समझाया। इस अवसर पर प्रदीप सक्सेना, सैय्यद अशफाक, कृष्ण बल्लभ चतुर्वेदी, वीरेंद्र कुमार, विकास, राजेश आदि मौजूद रहे।
बोली आधी आबादी
घर में साफ-सफाई बहुत जरूरी
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अपने घर और उसके आसपास साफ सफाई जरूर रखनी चाहिए। खाना खाने से पूर्व हाथ-मुंह अच्छी तरह से धोना चाहिए। अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को ताजा भोजन खिलाना चाहिए। स्वच्छ वातावरण में रहना चाहिए। तभी महिलाओं का स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
मेहनाज बी, नसीरपुर गौसू
महिला स्वस्थ तो बच्चे स्वस्थ
-घर की महिलाएं जब स्वस्थ होंगी तो उनके बच्चे भी स्वस्थ होंगे। स्वस्थ रहने पर वह अपने घर का पूरा कामकाज शांतिपूर्ण ढंग से कर सकेंगी। परिवार की देखरेख भी ठीक प्रकार से कर सकती हैं। अस्वस्थ रहने पर पूरे परिवार का माहौल ही गड़बड़ा जाता है।
गुड्डो देवी, कटईया भगवंत