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नमामि गंगे कार्यक्रम- कैसे रुके नदियों में प्र्रदूषण जब नहीं लग पा रही एसटीपी

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बरेली। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत शहर के नालों का पानी सीधे नदियों में जाने से रोकने के लिए चार सीवेज ट्रीटमेंट प्लान (एसटीपी) तैयार होने हैं। इसे बनाने की मंजूरी तो मिल गई है, लेकिन जमीन न मिलने से यह प्लान तैयार नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर जल निगम चतुर्थ मंडल के अधीक्षण अभियंता ने नगर आयुक्त को चिट्ठी भेजकर जल्द जमीन मुहैय्या कराने को कहा है।
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कार्यक्रम के तहत शहर के नालों से नदी में होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए चार स्थलों पर एसटीपी तैयार होनी है। इसमें 100 फुटा रोड पर सीपीडब्ल्यू कॉलोनी के समीप करीब 7080 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराई गई है, जिससे नकटिया नदी में गिरने वाले नालों में से कुछ नालों का गंदा पानी सीधे नदी में जाने से रोका जा सकेगा। इसके अलावा छोटी बिहार में प्रस्तावित एसटीपी और नकटिया नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए अन्य नालों के पानी की सफाई के लिए 0.341 हेक्टेयर भूमि एसडीएम सदर को उपलब्ध कराए जाने की आख्या दी गई है।
जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि अधिशासी अभियंता षष्ठम खंड जल निगम को इस संबंध में रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। यह जमीन ग्राम तुलापुर में शहर की सीमा पर है। नगर निगम के अधिकारियों से इस भूमि को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अलावा चौबारी नाले के लिए भी प्रस्तावित 29 एमएलडी और एयरफोर्स नाले के लिए एक एमएलडी क्षमता वाली एसटीपी के निर्माण के लिए अभी भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। जल निगम के अधीक्षण अभियंता नीरज कुमार की तरफ से इस संबंध नगर आयुक्त को लेटर भेजा गया है।
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