बरेली। योग दिवस पर धार्मिक बेडियां तोड़कर लोग घरों से बाहर निकले। रामपुर गार्डन स्थित अग्रसेन पार्क में आयोजित योग शिविर में हिंदू और मुसलमानों ने सामूहिक योगाभ्यास कर समाज को भाईचारे और एकता की सीख दी। साथ ही, योग को महज एक धर्म विशेष तक सीमित करने की मानसिकता को नकार दिया।
कनॉट प्लेस निवासी डॉ. सैय्यद सिराज अली और उनकी पत्नी इफ्फत सिराज का कहना है कि योग कोई राजनीतिक नहीं बल्कि सेहत का मसला है। वे खुद 19 वर्षों से योग कर रहे हैं और लोगों को योग करने का संदेश दे रहे हैं। आकाशवाणी की उद्घोषक नाजिमा ने कहा कि वे एक अरसे से योग कर रही हैं। बच्चों को भी योग सिखा रही हैं। कहा कि योग शारीरिक समस्याओं को दूर करने की अचूक दवा है। इसे राजनीति में बांटना गलत है। यहां मौजूद किला निवासी साबिर हुसैन का कहना है कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की कुंजी है। इसे धर्म या संप्रदाय या समुदाय विशेष में बांधना गलत है। इन सभी ने देशवासियो से एकजुट होकर सेहत को संवारने के लिए योगासन सीखने का अपील की है।