बरेली। स्कूलों में अब गंदगी के बीच खाना पका तो रसोइया की खैर नहीं। शासन ने सूबे के सभी बेसिक स्कूलों के लिए जारी किए गए मिड डे मील के बजट में अबकी बार रसोइयों के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया है। जिससे रसोइयों के लिए एप्रेन, ग्लब्स, स्टेशनरी, साबुन, प्लेट, गिलास, चटाई, कुकिंग डिवाइस की मरम्मत, भंडारण के लिए डिब्बे आदि खरीदने का आदेश दिया है। बीएसए ने जारी शासनादेश के तहत सभी खंड शिक्षाधिकारियों को सामान की खरीदारी कराने और उपलब्धता सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है।
अब तक स्कूलों में बिना किसी सुरक्षा के गंदगी के बीच खाना पकता था। इस कारण अक्सर सामान की कमी को लेकर स्कूल प्रधानाध्यापक, प्रधान और रसोइया के बीच तकरार होती थी। कई बार तो स्थिति गंभीर हो जाती थी। सूत्रों के मुताबिक निर्देश के बावजूद रसोइया को सामान मुहैया नहीं कराया जाता था। जिसकी शिकायतें शासन स्तर तक पहुंचीं तो अबकी बार विवाद को खत्म करने के लिए शासन ने अलग से प्रति स्कूल 610 रुपये का बजट भेजा है। बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने बताया कि शासन के इस फैसले से तकरार खत्म होगी। रसोइया सुरक्षित होंगे और साफ-सुथरे तरीके से खाना पकेगा और परोसा जा सकेगा। वहीं, बजट जारी होने के बाद भी अगर पुराने ढर्रे पर खाना पका तो कार्रवाई की जाएगी।