बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने गरीब सवर्णों का आरक्षण लागू करते हुए महाविद्यालयों को दस प्रतिशत सीटों पर एडमिशन लेने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत करीब 25 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। कहा गया है कि यह दस प्रतिशत सीटें स्वत: बढ़ी मानी जाएं। दस प्रतिशत गरीब सवर्ण न मिलने पर उनकी सीटें खाली रखी जाएंगी।
पिछले साल सरकार ने गरीब सवर्णों के लिए दस प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की थी। उच्च शिक्षा विभाग का आदेश मिलते ही रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने भी इसे लागू कर दिया है। बुधवार को विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने सभी महाविद्यालयों को निर्देश जारी करके कहा है कि आदेश के अनुसार गरीब सवर्णों के लिए दस प्रतिशत सीटें स्वत: बढ़ी हुई मानी जाएंगी। इन सीटों पर सिर्फ गरीब सवर्णों को ही एडमिशन दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि गरीब सवर्ण न होने की स्थिति में सीटें खाली रहेंगी, उन पर किसी अन्य को एडमिशन नहीं दिया जा सकेगा।
करीब 25 हजार अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ
यह आदेश प्रभावी होने के बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में करीब 25 हजार सीटें बढ़ गई हैं। मगर इसका लाभ पाने के लिए अभ्यर्थियों को सक्षम अधिकारी का प्रमाणपत्र देना होगा।
इन कोर्स में मिलेगा सवर्ण आरक्षण
बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी, एमकॉम और विश्वविद्यालय के डिप्लोमा कोर्स जैसे कि मॉस कम्युनिकेशन, पीजीडीसीए आदि।
इनमें करना होगा इंतजार
बीसीआई, एनसीआई, एनसीटीई, एआईसीटीई, एमसीआई और डीसीआई से मान्यता वाले कोर्स में फिलहाल अभी गरीब सवर्ण आरक्षण लागू नहीं होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने इन सभी संस्थाओं से अनुमति मांगी है।