बरेली। महिला अस्पताल की छत से कूदकर खुदकुशी करने वाली पूजा की मौत का दाग भी स्टाफ और अफसरों पर ही है। हालांकि इसके बावजूद उस दिन ड्यूटी पर तैनात एक महिला होमगार्ड पुष्पा को हटाने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस घटना की जांच के लिए गठित तीन डाक्टरों के पैनल ने जांच पूरी कर ली है जिसमें एक महिला डॉक्टर का दोष सामने आया है। जांच करने वाले पैनल में एक डॉक्टर चूंकि आरोपी डॉक्टर का जूनियर है लिहाजा उनकी रिपोर्ट अब अनुमोदन के लिए उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
मृत बच्चा पैदा होने के बाद होशोहवास खो बैठी पूजा ने रविवार को जिला महिला अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूद कर जान दे दी थी। इस मामले में जिला महिला अस्पताल की खामियां उजागर होने के बाद भी अस्पताल प्रशासन लीपापोती की कोशिश में जुटा है। महिला सीएमएस ने डॉ. यशवंत, डॉ. पीपी सिंह व डॉ. आरएन गिरि के पैनल को जांच का आदेश देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी। इस पैनल ने जांच पूरी कर ली है, जिसकी पुष्टि सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने ही की है। उन्होंने बताया कि जांच में उन सभी कर्मचारियों और डॉक्टरों के बयान लिए गए हैं जो उस दिन ड्यूटी पर तैनात थे। बताया कि जांच में में एक महिला डॉक्टर का दोष साबित हुआ है, लेकिन चूंकि वह जांच कमेटी के एक डॉक्टर से वरिष्ठ हैं, लिहाजा जांच रिपोर्ट अब उच्चाधिकारियों के अनुमोदन के लिए भेजी जा रही है। सीएमएस ने बताया कि घटना के बाद महिला अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।