बरेली। विदेश के दौरे से लौटते ही आईएमए अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिंह ने व्हाट्सएप ग्रुप पर आपत्तिजनक और दूसरे डॉक्टरों की भावनाएं आहत करने वाली पोस्ट डालने वाले डॉक्टरों को अंतिम चेतावनी जारी कर दी। उन्होंने आईएमए के व्हाट्सएप ग्रुप में ही इस संबंध में वार्निंग मेसेज पोस्ट किया है। साथ ही यह भी कहा है कि कुछ डॉक्टर बार-बार चेतावनी के बावजूद विवादित पोस्ट करने से बाज नहीं आ रहे हैं, लिहाजा जल्द ही इस मुद्दे पर आईएमए की बैठक भी बुलाकर इस पर सार्वजनिक चर्चा की जाएगी ताकि यह मुद्दा हमेशा के लिए निपट जाए। हालांकि आहत डॉक्टरों का कहना है कि विवादित पोस्ट डालने वाले सियासी विचारधारा के उनके साथियों के खिलाफ इस बार कार्रवाई भी होनी चाहिए।
आईएमए के व्हाट्सएप ग्रुप में पिछले दिनों कुछ डॉक्टरों ने एक के बाद एक कई ऐसी पोस्ट डाल दी थीं, जिससे एक समुदाय के डॉक्टरों में गुस्सा फैल गया था। इस हरकत के खिलाफ इस समुदाय के तमाम डॉक्टरों ने आईएमए का ग्रुप तक छोड़ दिया था। ज्यादातर डॉक्टर अब तक ग्रुप में दोबारा शामिल नहीं हुए हैं। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिंह और सचिव डॉ. विनोद पागरानी चूंकि इस बीच विदेश भ्रमण पर थे, लिहाजा विवाद बढ़ता गया। इस बीच आईएमए के केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल प्रकरण में हड़ताल का आह्वान किया तो नाराज डॉक्टरों को किसी तरह मनाकर उसमें शामिल किया गया, लेकिन आपत्तिजनक पोस्ट पर विवाद खत्म नहीं हो पाया।
विदेश से लौटे अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप शुरू किए जाने के दौरान ही उस पर ऐसी कोई पोस्ट करने से मना किया था जिससे किसी की भावनाएं आहत हों। फिर भी कुछ डॉक्टरों ने बेवजह तमाम मेसेज किए तो उन्हें चेतावनी भी दी। फिर भी ये लोग नहीं माने तो सिर्फ ग्रुप एडमिन को ही पोस्ट डालने का अधिकार दे दिया गया। कुछ दिन बाद ग्रुप की अहमियत को देखते हुए फिर सभी को पोस्ट करने का अधिकार दिया तो फिर आपत्तिजनक मेसेज ग्रुप में डाले जाने लगे। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों जब एक विवादित पोस्ट पर दूसरे मेंबर्स ने कमेंट किए तब भी उन्हें आगाह किया था, लेकिन तब तक कुछ लोगों ने ग्रुप छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि मंगलवार की रात फिर ग्रुप में ही सबको चेतावनी दी है कि अब कोई वैमनस्यता फैलाएंगे उन्हें आखिरी चेतावनी देकर ग्रुप से निकाल दिया जाएगा।
विवादित पोस्ट पॉलिटिकल विचारधारा वाले लोग कर रहे हैं। ग्रुप में विचार रखने पर कोई एतराज नहीं है लेकिन किसी समुदाय विशेष या व्यक्ति का मखौल बनाना गलत है। आईएमए सिर्फ ग्रुप नहीं परिवार है। -डॉ. तबरेज आलम, एनेस्थेटिक्स
ग्रुप में कुछ डॉक्टर ऐसे हैं जो मानते ही नहीं। नसीहत भी उन्हें कुछ ही दिन याद रहती है, फिर उसे भूल जाते हैं। अब मीटिंग में चर्चा के बाद जो भी निर्णय होगा वह सभी को मानना होगा। - डॉ. अयूब अंसारी, सर्जन
विदेश दौरे पर गया एक ग्रुप वापस आ गया है। जल्द ही दूसरा ग्रुप वापस आ जाएगा जिसके बाद मीटिंग होगी। इस मीटिंग में बातचीत के बाद ही हम सभी लोग फिर से ग्रुप ज्वॉइन करेंगे। - डॉ. हारिस अंसारी, यूरोलॉजिस्ट
अध्यक्ष सबको साथ लेकर चलते हैं। वे जो भी कदम उठाएंगे वो बेहतर ही होगा। पहले भी ऐसी विवादित पोस्ट की गई थी तो उन्होंने चेतावनी दी थी फिर भी कुछ लोग नहीं माने। - डॉ. अनीस बेग, एग्जीक्यु़टिव मेंबर, आईएमए
यह कोई विशेष मुद्दा नहीं है। जल्द ही यह सब निपट जाएगा। आईएमए एक परिवार है। जैसे पहले हम सब मिलजुलकर रहते थे फिर वैसे ही मिलजुलकर रहेंगे।- डॉ. हिमांशु अग्रवाल, कोषाध्यक्ष आईएमए