बरेली। एनएसडी में शिक्षक रहीं प्रोफेसर रीता गांगुली का कहना है कि रंगकर्म हर दौर में अपनी तरह से जिया है। पुराने दौर में भी कामयाब रहा और अब भी सफल है। हालांकि आज के दौर में आधुनिक संसाधन और सुविधाएं बहुत हैं। यह बात उन्होंने पुराने और नए दौर के रंगकर्म पर चर्चा करते हुए कही।
वह यहां शब्बू मियां से गंडाबंद मुरीद हैं। खानकाह नियाजिया में हाजिरी देने आईं थीं। खास कर उन्होंने सज्जादानशीन शाह हसनी मियां से आशीर्वाद लिया। इस दौरान हुई मुलाकात में उन्होंने बताया कि 1970 से 35 साल तक एनएसडी में शिक्षण कार्य किया। इस दौरान नसीरउद्दीन शाह, राज बब्बर, ओम पुरी, अनुपम खेर, नवाजउद्दीन, नादिरा और रोहणी हटंगिणी जैसे कलाकार पास आउट हुए। जिन्होंने कला जगत में खुद को स्थापित किया।
प्रोफेसर रीता एक बेहतरीन गायिका भी हैं। वह बनारस की प्रसिद्ध गायिका सिद्धेश्वरी देवी की शिष्या हैं। इसके अलावा उन्होंने बेगम अख्तर से भी गायिकी सीखी है। बताया कि पहले गाने-बजाने को बहुत खराब माना जाता था। उस वक्त थोड़ी दिक्कत जरूर आई, मगर पिता डॉ. केएल गांगुली स्वतंत्रता सेनानी रहे और खुले विचारों के थे, फिर माता जी का साथ मिला तो गायिकी सीख ली। इसके बाद अभिनय की ओर भी कदम बढ़ाया फिर उसी में रम गईं। मूल रूप से वह बंगाल की रहने वाली हैं। अब वह दिल्ली में बस गईं हैं।