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‘चमगादड़’ पर लगे फटकार तभी दिल से होगी ‘नमस्कार’

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बरेली। लोगों का मर्ज समझने में अक्सर नाकाम रहने वाले डॉक्टरों ने यह परख लिया कि चांद सेक्युलर है और सूर्य देवता का विरोध इसलिए किया जाता है क्योंकि उनके कुल में भगवान श्रीराम पैदा हुए थे। कुछ ने यह तक खोज निकाला कि इस मर्ज की वजह ‘चमगादड़’ है। इन डॉक्टरों की यह ‘मेडिकल रिपोर्ट’ उनके कुछ साथी डॉक्टरों को ही नागवार गुजरी तो आईएमए के व्हाट्सएप ग्रुप पर ही जंग शुरू हो गई। साफ-साफ दो फाड़ हो गए। इसी बीच हड़ताल आई तो घाव पर ‘टांके’ लगा दिए गए लेकिन ‘इन्फेक्शन’ अब भी बाकी है। मेडिकल पेशे की शर्तों से हटकर व्हाट्सएप ग्रुप पर की गई पोस्ट से खफा डॉक्टरों ने एलान किया है कि गलत बर्ताव करने वालों को माफी मांगनी होगी वर्ना वे उन पर कार्रवाई के लिए आईएमए के केंद्रीय नेतृत्व के साथ राज्य सरकार के भी दरवाजे खटखटाएंगे।
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बता दें कि आईएमए के व्हाट्सएप ग्रुप में आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद एक समुदाय के तमाम डॉक्टरों ने यह ग्रुप छोड़ दिया है। आईएमए की ओर आहूत की गई हड़ताल से ऐन पहले नाराज डॉक्टरों से बात कर उन्हें केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर एकजुट होने के लिए मना लिया गया। सोमवार को हड़ताल के दौरान इन डॉक्टरों ने भी अपने अस्पताल बंद रखे और ओपीडी में मरीजों को नहीं देखा। हालांकि यह भी कह दिया कि विवादित पोस्ट का मुद्दा अपनी जगह कायम है जो बगैर किसी फैसले के खत्म नहीं होगा। इन डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल आईएमए के अध्यक्ष और सचिव विदेश दौरे पर हैं। उनके लौटते ही व्हाट्सएप ग्रुप में कम्युनल पोस्ट डालने वाले डॉक्टरों से माफी मंगवाने की मांग की जाएगी और माफी मांगे जाने के बाद ही वे लोग दोबारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करेंगे।
डॉ. नसरुद्दीन ने बताया कि बगैर माफी मांगे वे लोग आईएमए का ग्रुप ज्वाइन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि आईएमए बुद्धिजीवियों का ग्रुप है। इसमें काफी समय से कुछ डॉक्टर इसी तरह की पोस्ट डाल रहे थे। पहले तो इन्हें नजरअंदाज किया गया लेकिन पिछले दिनों एक पोस्ट पर दूसरे डॉक्टरों ने भी एक समुदाय का मखौल उड़ाया तो उससे ताल्लुक रखने वाले डॉक्टरों की भावनाएं आहत हुई। इस ग्रुप के एडमिन आईएमए के अध्यक्ष और सचिव हैं। उन्होंने भी इस विवादित पोस्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसी के बाद उन्होंने सबसे पहले यह ग्रुप छोड़ा था। उन्होंने कहा कि अगर माफी नहीं मांगी गई या पोस्ट करने वालों पर कोई एक्शन नहीं लिया तो वे खुलकर सामने आएंगे। यह मामला आईएमए की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी रखा जाएगा।
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क्या कहते हैं डाक्टर्स

अब आईएमए में क्या चल रहा है, हमें इस बारे में कुछ भी मालूम नहीं है। हमने व्हाट्सएप ग्रुप ही छोड़ दिया है क्योंकि बेमतलब की बातें ज्यादा बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। अब देखते हैं, आगे सबका जो निर्णय होगा वही माना जाएगा।- डॉ. तबरेज आलम, एनेस्थेटिक्स

आईएमए के व्हाट्सएप ग्रुप पर डाली गईं विवादित पोस्ट से हम सभी की भावनाएं आहत हुई हैं, इसमें कोई शक नहीं है। अब विदेश दौरे पर गए आईएमए के पदाधिकारियों के लौटने का इंतजार कर रहा हैं, इस मामले में उनका रुख देखने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा कि आगे क्या करना है। - डॉ. हारिस अंसारी, यूरोलॉजिस्ट

हालांकि मैं अब आईएमए के व्हाट्सएप ग्रुप में ही नहीं हूं लेकिन माफीनामा भी किस बात का होगा। देखेंगे आगे जो भी सीनियर डॉक्टरों का निर्णय होगा, उसे सर्वसम्मति से माना जाएगा। आईएमए खुद ही एक ग्रुप है, आपस में कोई मतभेद नहीं है।- डॉ. अयूब अंसारी, सर्जन

गलत तरह की पोस्ट डाले जाने से डॉक्टरों में खटास जरूर हुई लेकिन गलतियां तो सभी से होती हैं। आईएमए में सब एक है, गलती करने वालों को देर-सबेर अपनी गलती का अहसास भी होगा। शायद उसके बाद इस तरह की पोस्ट भी बंद हो जाएगी। आईएमए एक परिवार है। - डॉ. आफरीन, फिजीशियन
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