बरेली। पार्षद विनोद सैनी पर दर्ज कराए मुकदमे के विरोध में धरना दे रहे पार्षदों में ही बवाल मच गया है। शनिवार को नगर आयुक्त का पुतला फूंकने को लेकर मुख्य सचेतक शालिनी जौहरी ने इनकार कर दिया। इस पर अन्य पार्षदों से उनका विवाद हो गया और जमकर हंगामा हुआ। हालांकि इसके बाद नगर आयुक्त का पुतला फूंक दिया गया। वहीं शालिनी जौहरी ने पार्षदों पर हमला और अभद्रता करने का आरोप लगाया है। वहीं, उपनेता ने उनसे स्पष्टीकरण मांगने की बात कही है।
नगर निगम में एक जून से नगर आयुक्त के खिलाफ भाजपा पार्षदों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। शनिवार को पुतला दहन का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था। पूर्वाह्न करीब 11 बजे पुतला दहन की बारी आई तो भाजपा पार्षदों में मतभेद पैदा हो गया। मुख्य सचेतक शालिनी जौहरी ने पुतला दहन में शामिल होने से इनकार कर दिया। दो अन्य महिला पार्षद भी उनके साथ आ गईं। आरोप है कि बहस के बीच शालिनी जौहरी राजेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ राजू से कह दिया कि तुम्हारी औकात ही क्या है? इस पर सतीश कातिब बिफर गए, बोले- वह और राजू दो बार निर्दलीय पार्षद रहे हैं, तुम एक बार लड़कर तो दिखाओ। उपनेता छंगामल मौर्य ने कहा कि पुतला दहन में साथ नहीं तो धरने पर भी नहीं बैठो। अन्य पार्षदों से भी काफी गहमागहमी और तीखी बहस हुई। काफी हंगामे के बाद पुतला फूंक दिया गया। शालिनी जौहरी ने आरोप लगाया कि अभद्रता कर उन पर हमले की कोशिश हुई है। उन्होंने मेयर और संगठन में शिकायत की है। वहीं, उपनेता छंगामल मौर्य का कहना है कि शालिनी जौहरी का बात करने का लहजा गलत था। उनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा। सतीश कातिब ने कहा कि शालिनी जौहरी के खिलाफ संगठन को लिखा जाएगा, उन्होंने वरिष्ठ पार्षद से अभद्रता की है।
पर्यावरण मानकों की उड़ रही धज्जियां, धरना में डिस्पोजल बर्तन का प्रयोग
निगम में धरने के दौरान पर्यावरण मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। धरने में शामिल पार्षद खाना और पानी के लिए प्लास्टिक के डिस्पोजल बर्तन का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, दो दिन से निगम अफसर पूरे दिन पॉलिथीन को लेकर शहर में छापेमारी कर रहे लेकिन निगम में नियमों का मखौल बनाया जा रहा है।
नगर आयुक्त ने दी तहरीर, लिखा-
कार्यालय में नहीं घुसने दे रहे पार्षद
शनिवार को पुतला दहन के बाद नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने कमिश्नर, डीएम, एसएसपी और एसपी सिटी को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि निगम के जनप्रतिनिधि पोर्टेबल शॉप प्रकरण में रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। 13 जून को मेयर के नेतृत्व में नगर निगम में धारा 144 का खुला उल्लंघन हुआ। सरकारी कार्य में बाधा डालकर जबरन धरना प्रदर्शन और अभद्र भाषा में नारेबाजी की गई। शासन व्यवस्था को ध्वस्त करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में उपसभापति अतुल कपूर, पार्षद विनोद सैनी, सतीश चंद्र कातिब, अवनेश कुमार, छंगामल मौर्य, नरेश शर्मा बंटी, आरेंद्र अरोरा, पार्षद पति अशोक कुमार, चमन सक्सेना, महेश राजपूत, पूर्व पार्षद सीताराम रघुवंशी, अमित कुमार, मुनेंद्र सिंह, दीपक सक्सेना, मुकेश सिंघल, अजय चौहान और अभिषेक सक्सेना के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए।
कुछ अन्य रिपोर्ट की तैयारी
नगर निगम में चर्चा है कि इस मामले में नगर आयुक्त की तहरीर के बाद अभी दो अन्य रिपोर्ट की तैयारी चल रही है। एक रिपोर्ट कोतवाली पुलिस की ओर से और दूसरी निगम कर्मचारियों की ओर से दर्ज कराई जा सकती है।
धारा 144 के दो-दो तरह के पत्र हैं। शहर में दो नियम कैसे लागू हो सकते हैं। फिर पार्षदों ने तो धरना प्रदर्शन के लिए डीएम से अनुमति भी ली है। इसके बावजूद धारा 144 के उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है तो इसे कोर्ट में चैलेंज किया जाएगा। पार्षदों में आपसी मतभेद भी दूर करा दिया जाएगा।
- उमेश गौतम, मेयर