बरेली। अमर उजाला ने कई महीने पहले ही राजस्व स्टाफ की सांठगांठ से एक जमीन को कई बैंकों में बंधक बनाकर उन्हें लाखों की चोट देने के खेल का खुलासा किया था, अब खुद कमिश्नर ने मीरगंज तहसील में यह खेल पकड़ा है। मीरगंज में ऐसे कई मामले सामने आने के बाद कमिश्नर ने एसडीएम रोहित यादव को जांच कराकर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं। एसडीएम का कहना है कि उन्होंने तहसीलदार से आख्या मांगी गई है जिसमें उन कर्मचारियों को भी चिह्नित करने को कहा है जिनकी सांठगांठ से ये फर्जीवाड़े हुए हैं।
राजस्व कर्मियों और रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारियों के गठजोड़ से एक जमीन को कई बार बंधक बनाकर बैंकों से धोखाधड़ी करने का खेल चल रहा है। बताते हैं कि भू स्वामी अपनी जमीन के कागज बंधक बनाकर पहले एक बैंक से कर्ज लेता है। बाद में कर्मचारियों से मिलकर वह फर्जी बैनामा तैयार करके फिर उसी जमीन को दूसरे बैंक में बंधक कर देता है।
कमिश्नर ने जब मीरगंज तहसील के रिकार्ड चेक किए तो उन्हें वहां कई ऐसे मामले मिले। जिस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह मामला गंभीर है और इसमें तहसील स्टाफ की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
कमिश्नर ने एसडीएम मीरगंज को आदेश दिए हैं कि तहसील में ऐसे कितने मामले हैं और इसके लिए कौन कर्मचारी जिम्मेदार हैं, इसकी पूरी जांच रिपोर्ट तैयार की जाए। कमिश्नर ने मीरगंज में कोर्ट के समन की तामील कराने में हो रही देरी पर भी नाराजगी जाहिर की। इस संबंध में एसडीएम रोहित यादव ने बताया कि तहसीलदार से जांच आख्या लेकर इसी हफ्ते आयुक्त कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।