बरेली। नगर आयुक्त और पार्षदों के बीच चल रही ‘जंग’ में जिला प्रशासन की चुनौती को तोड़ते हुए बृहस्पतिवार को पूरी भाजपा नगर निगम में पार्षदों के साथ एकजुट हो गई। पुलिस की ओर से नगर निगम में भीड़ जुटने से रोकने के लिए किए गए इंतजाम भी एक तरफ रखे रह गए। धरनास्थल पर मेयर उमेश गौतम ने नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के साथ चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर पर भी भ्रष्टाचार के खुले आरोप लगाए। अधिकारियों को चुनौती दी कि पार्षद विनोद सैनी पर दर्ज एफआईआर हर हालत में वापस लेनी पड़ेगी। इससे पहले इंस्पेक्टर कोतवाली पंकज वर्मा ने मेयर को नगर निगम में जाने से रोकने की कोशिश की तो उन्होंने इंस्पेक्टर को भी जमकर हड़का दिया। मौके पर प्रशासन के अफसर न होने के कारण इंस्पेक्टर बैकफुट पर आ गए और चुपचाप फोर्स लेकर वहां से निकल गए।
मंगलवार को कई दिनों बाद नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन के छुट्टी से लौटने के बाद पार्षदों ने अपना आंदोलन उग्र कर दिया था। मंगलवार को ही प्रशासन के अफसरों ने पार्षदों से बात करके मामला ठंडा करने की कोशिश की और बात नहीं बनी तो नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन रोकने के लिए धारा 144 लागू कर दी। मगर उसका नतीजा उल्टा निकला। भाजपा के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर ने भी पार्षदों के आंदोलन में साथ देने का एलान कर दिया। बृहस्पतिवार को नगर निगम में भारी हंगामे की आशंका देखते हुए कोतवाली पुलिस ने मुख्य गेट के दोनों ओर सड़क पर स्टॉपर लगाकर भीड़ को रोकने का इंतजाम कर दिया। भारी तादाद में फोर्स भी तैनात कर दिया गया।
सुबह करीब पौने नौ बजे मेयर उमेश गौतम पहुंचे तो फोर्स ने उन्हें सड़क पर ही रोकने का प्रयास किया। इस पर उन्होंने इंस्पेक्टर कोतवाली पंकज वर्मा को जमकर हड़काया। उनसे पूछा कि किसके आदेश से लोगों को रोका जा रहा है। कोई और अधिकारी साथ न होने की वजह से इंस्पेक्टर दबाव में आ गए और फोर्स लेकर वहां से लौट गए। मेयर के साथ मौजूद स्टाफ ने स्टॉपर हटाकर रास्ता खोल दिया। कुछ ही देर में नगर निगम में अच्छी-खासी भीड़ इकट्ठी हो गई और फिर पूरे दिन जोरदार प्रदर्शन और हंगामा हुआ। प्रदर्शन में भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष हरवेंद्र यादव, उपनेता छंगामल मौर्य, उपसभापति अतुल कपूर, मुख्य सचेतक शालिनी जौहरी, सतीश कातिब, शिवप्रताप सिंह रिंकू, आदेश प्रताप सिंह समेत भाजपा के तमाम नेता और पार्षदों ने हिस्सा लिया। धरने का संचालन नरेश शर्मा बंटी ने किया।
नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के खिलाफ निगम में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच मंगलवार को धारा 144 लगा दी गई। इसके बावजूद बृहस्पतिवार को मेयर उमेश गौतम समेत पार्षद विरोध प्रदर्शन को पहुंचे तो कोतवाल पंकज वर्मा ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस पर मेयर ने कोतवाल को जमकर हड़काया तो वह बैकफुट पर आ गए और फोर्स लेकर चले गए। इसके बाद नगर निगम में जोरदार धरना प्रदर्शन हुआ। सड़क से लेकर निगम तक हंगामे की स्थिति बनी रही। मेयर ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसीएम को सौंपकर नगर आयुक्त को हटाने की मांग की है। वहीं, नगर आयुक्त बृहस्पतिवार को भी निगम नहीं पहुंचे।
भ्रष्टाचार के लिए शहर की सूरत
बिगाड़ दी है नगर आयुक्त ने
मेयर ने कहा- नगर आयुक्त को ऐसी जगह भेजें जहां उनका जनता से संवाद न हो
नगर निगम में प्रदर्शन के दौरान मेयर उमेश गौतम ने नगर आयुक्त पर एक के बाद एक तमाम आरोप जड़े। कहा, नगर आयुक्त भ्रष्टाचार में लिप्त तो हैं ही, गौ माता का भी अपमान कर रहे हैं। गौशाला में मरने वाली गायों का अंतिम संस्कार करने के बजाय उन्हें बाकरगंज में कूड़े के ढेर में दबाया जा रहा है। निगम में भ्रष्टाचार बढ़ने से शहर की सूरत बिगड़ गई। ठेकेदारों से बीस प्रतिशत कमीशन मांगने की लिखित शिकायतें मिली हैं। जिनके कांट्रेक्ट खत्म नहीं हुए उनसे 20-20 लाख रुपये की मांग की गई, पैसे न देने पर कांट्रेक्ट खत्म कर दिए गए। मुख्य अभियंता भी नगर आयुक्त से मिले हुए हैं। बोले, उन्होंने मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग की है। ऐसे अधिकारी की जगह जेल में होनी चाहिए। पार्षद विनोद सैनी से हर हाल में मुकदमा वापस लेना पड़ेगा। पुलिस बलात्कारियों को गिरफ्तार नहीं कर रही, लेकिन पार्षदों पर लगा दी गई है। ऐसे अधिकारियों को चेत जाना चाहिए, योगी सरकार में यह नहीं चलेगा। अफसर कार्यकर्ताओं को परेशान करेंगे तो उन्हें कार्यालय में नहीं बैठने देंगे। सपा-बसपा वाली मानसिकता बदलनी पड़ेगी। दोपहर में पहुंचे एसीएम सुरेश चंद्र को मेयर ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने नगर आयुक्त को यहां से हटाकर ऐसी जगह तैनात करने की मांग की है, जहां जनता से उनका सीधा संवाद न हो।
मुझसे कहा था दिलाएंगे दवा.. ले आए यहां
नगर निगम में बृहस्पतिवार को पार्षद और भाजपा नेताओं के अलावा बाहर के लोगों की काफी भीड़ भी थी। इस दौरान एक महिला ने आरोप लगाया कि उसे सीबीगंज से बेटे के इलाज के नाम पर गुमराह करके लाया गया है। इस दौरान लोगों के लिए चाय-नाश्ता और खाने का भी इंतजाम किया गया था, जिसको लेकर खूब लूट मची।
अफसर नदारद, निगम कार्यालयों में छाया रहा सन्नाटा
बृहस्पतिवार को पॉलिथीन अभियान के चलते अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह समेत नगर निगम के अधिकांश अधिकारियों की ड्यूटी क्षेत्र में लगी हुई थी। इसके चलते निगम में आने वाले फरियादी शिकायतें लेकर भटकते रहे। इसके अलावा स्टॉपर लगे होने से पुलिस ने सुबह के समय लोगों को भी नगर निगम की ओर नहीं जाने दिया।
मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर मुकदमा एक्सपंज कराएं। अधिकारी निष्पक्ष होकर काम करें न कि विपक्ष के साथ मिलकर। मैंने जिलाध्यक्ष के साथ डीएम से भी मुलाकात की है। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो मैंने कहा था कि जब मुझे खतरा था तो सुरक्षा नहीं दी गई, अब रोकने आ रहे हो।
- उमेश गौतम, मेयर
नगर आयुक्त ने कमिश्नर के साथ
की स्मार्ट सिटी की मीटिंग
बरेली। नगर निगम में एक ओर घमासान मचा था, दूसरी ओर नगर आयुक्त कमिश्नरी में स्मार्ट सिटी की मीटिंग में लगे थे। इसमें स्मार्ट सिटी के तहत बनने वाले प्रोजेक्ट स्मार्ट क्लास और ओपन जिम की प्री-विड में आने वाली दिक्कतों को लेकर चर्चा हुई।
कमिश्नरी में आयोजित बैठक में कमिश्नर रणवीर प्रसाद के अलावा नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अफसर मौजूद थे। टेंडर में आ रही दिक्कतों को लेकर चर्चा की गई, तय हुआ कि स्मार्ट सिटी कंपनी ही जरूरत होने पर नियमों को शिथिल कर सकती है। इसके बाद स्मार्ट सिटी के तहत संजय कम्युनिटी हॉल के पास तालाब में एसटीपी लगाने को लेकर चर्चा हुई। मीटिंग के बाद कमिश्नर, नगर आयुक्त और वीसी बीडीए भी मौजूद रहीं। यहां सौंदर्यीकरण का प्लान किया जा रहा है। इसके लिए तालाब आने वाली पानी को साफ करके इस्तेमाल करने की योजना है।