बरेली। बारिश से पहले रामगंगा के किनारे अवैध खनन की बाढ़ सी आ गई है। यहां चौबारी और रौंधी के पास घोड़ा बुग्गी और ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेता भरकर ले जाया जा रहा है। हाल में पीडब्ल्यूडी का एक ठेकेदार भी चौबारी में बगैर एप्रोच रोड का पटान करने के लिए बगैर परमीशन खनन करने के मामले में पकड़ा गया था। इसके अलावा बहेड़ी में भी अवैध खनन का मामला पकड़ा जा चुका है। बावजूद इसके प्रशासन और पुुलिस की टीमें इसे रोकने के लिए कोई एक्शन नहीं ले रहीं।
प्रशासन जुलाई में बारिश शुरू होने के साथ ही खनन पर रोक लगा देगा। इससे पहले अवैध खनन करने वाले एकाएक सक्रिय हो गए हैं। चौबारी में रामगंगा पुल के पास खनन करके दर्जनों बुग्गियों से उसे ढोया जाता है। अवैध खनन करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि 11 जून से शुरू हुए चौबारी मेले में पुलिस कर्मियों और अफसरों के भी वहां मौजूद रहने के बावजूद अवैध खनन बंद नहीं हुआ है। यही हाल रौंधी गांव के पास का है। यहां भी दिन रात ट्रैक्टर से नदी के किनारे से अवैध खनन किया जा रहा है। कुछ दिन पहले रामगंगा के नए पुल की एप्रोच रोड बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी का एक ठेकेदार नदी किनारे बड़े पैमाने पर अवैध खनन करते पकड़ा गया था। इसमें खनन विभाग ने सिर्फ नोटिस ही किया है। कार्रवाई के नाम पर अब जुर्माना तक नहीं लगाया गया है। इसके अलावा बहेड़ी में भी दो पट्टेधारक रॉयल्टी जमा किए बिना ही खनन कर रहे थे। इनके खिलाफ भी केवल खनन न करने के आदेश दिए गए हैं।
सर्वेयर न मिलने से खनन करने वालों पर नहीं लगा जुर्माना
प्रशासन के पास खनन विभाग का सर्वेयर नहीं है। प्रशासन ने बहेड़ी में मोहम्मदपुर और ट्यूला में दो पट्टेधारकों को लाइसेंस दिए हैं। इन दोनों को अप्रैल में ही रॉयल्टी के तौर पर करीब 41 लाख रुपये की रकम जमा करनी थी, लेकिन यह जमा किए बगैर ही वे खनन करते रहे। बहेड़ी विधायक छत्रपाल सिंह और इंस्पेक्टर के बीच विवाद के बाद अवैध खनन का मामला सामने आया था। किच्छा नदी में कितना अवैध खनन हुआ है, इसके लिए एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने खनन निदेशालय से सर्वेयर मांगा था, लेकिन उसके न मिल पाने से जुर्माना नहीं लग पा रहा है।
जहां कहीं भी अवैध खनन की शिकायत मिलती है, वहां रोकने के लिए आदेश दिए जाते हैं। चौबारी में भी अवैध खनन रोकने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
-मनोज कुमार पांडेय, एडीएम वित्त