बरेली। नोटबंदी के दौरान सिविल लाइंस के नामचीन सराफा कंपनी ने बेनामी कारोबार के जरिये करोड़ों रुपये ठिकाने लगाए। एक कर्मचारी ने सराफा कंपनी का खेल पकड़ा तो उससे जबरन त्यागपत्र ले लिया गया। इस पर कर्मचारी ने भारत सरकार समेत तमाम अधिकारियों से इस गोलमाल की शिकायत की है, जिस पर आयकर विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
जोगीनवादा निवासी राम किशोर का कहना है कि आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी के दौरान वह सिविल लाइंस स्थित ज्वेलरी कंपनी के शोरूम में काम कर रहे थे। राम किशोर का आरोप है कि नोटबंदी होने के बाद एमडी ने बंद हो चुके 500 और 1000 के नोटों से मनमाने दामों पर सोने और हीरे के आभूषण बेचकर मोटी कमाई की। कई दिनों तक कंपनी के दोनों शोरूम पर यह खेल जारी रहा। बेनामी पर्चियों पर करोड़ों रुपये का सौदा किया गया। खेल समझ आने पर उन्होंने विरोध शुरू किया तो कंपनी के अधिकारियों ने एमडी के ऊंचे संबंधों की हनक दिखाकर धमकाया और फिर इस्तीफा ले लिया। राम किशोर ने मामले की शिकायत भारत सरकार, आयकर विभाग और पुलिस के उच्च अधिकारियों से की। मगर, अब तक कोई खास कार्रवाई नहीं हुई। इस पर मई माह में उन्होंने आयकर विभाग में आरटीआई लगाकर अपनी शिकायत की प्रगति के बारे में जानकारी मांगी तो आयकर अधिकारी डीएस नेगी की ओर से भेजे पत्र में मामले की जांच जारी होने की बात कही गई है।