बरेली। बहेड़ी में अवैध खनन पर विधायक छत्रपाल सिंह और इंस्पेक्टर धनंजय सिंह के बीच जंग क्या शुरू हुई, अब एक के बाद एक राज खुलने लगे हैं। प्रशासन की जांच में पता लगा है कि जिन लोगों की तहरीर पर पुलिस ने भाजपा नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की, उन्हें लाखों रुपये की रायल्टी अदा न करने के बाद अप्रैल से उन्हें ट्रांजिट पास देने पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद ये लोग बड़े पैमाने पर खनन कर एक दिन में रेत भरे कई-कई डंपर बगैर ट्रांजिट पास के ही बाहर भेजते रहे लेकिन उन्हें न कभी स्थानीय पुलिस ने चेक किया न प्रशासन ने। जिलास्तर से भी यह सुनिश्चित करने की कोई कोशिश नहीं की गई कि बहेड़ी में बगैर रायल्टी दिए खनन न हो।
भाजपा विधायक छत्रपाल सिंह और इंस्पेक्टर बहेड़ी के बीच विवाद पिछले सप्ताह तब शुरू हुआ था, जब बहेड़ी से 12 किमी दूर गांव भीकमपुर में किच्छा नदी में खनन करने वाले शंकर गुप्ता की ओर से पुलिस ने भाजपा नेता मोहन सिंह समेत कई लोगों पर खनन की एवज में रंगदारी मांगने और उनके कर्मचारियों को मारपीट कर धमकाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली थी। शंकर ने खुद को पट्टाधारक संदीप गुप्ता का पार्टनर बताया था। विधायक ने इसके बाद इंस्पेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अफसरों पर दबाव बना तो उन्होंने ईद बाद इंस्पेक्टर को हटाने का भी आश्वासन दे दिया, लेकिन ऐन ईद के दिन इंस्पेक्टर ने गांव नरायन नगला में बड़े पैमाने पर अवैध खनन पकड़ लिया। इसमें किसी की गिरफ्तारी तो नहीं की गई लेकिन इशारों में बताया गया कि यह अवैध खनन एक ‘माननीय’ का भतीजा करा रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई को भाजपा नेताओं पर दबाव बनाने की जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है।
बहेड़ी में अवैध खनन पर जबर्दस्त तनातनी का मामला सुर्खियों में आया तो खनन विभाग को भी हरकत में आना पड़ा। छानबीन कराई गई तो पता चला कि खनन विभाग ने जिले में दो पट्टे दिए हैं जो सिर्फ बहेड़ी में हैं। इनमें एक पट्टा मेसर्स बुक स्काई ट्रक प्राइवेट लिमिटेड के गुरपाल सिंह को दिया गया है जो मोहम्मदपुर में 5.47 एकड़ में खनन का है। पांच साल अवधि के इस पट्टे में हर साल 17,712 घनमीटर रेत खनन की अनुमति दी गई है। दूसरा 6.47 एकड़ का पट्टा संदीप गुप्ता के नाम है जिसके तहत हर साल 20,976 घनमीटर रेत खनन की मंजूरी है। खनन विभाग के मुताबिक पट्टाधारक गुरपाल सिंह को 15.58 लाख रुपये और संदीप गुप्ता को 26 लाख रुपये रायल्टी के तौर पर हर तिमाही पर जमा करने थे लेकिन दोनों ने अप्रैल से रायल्टी जमा नहीं की है। दोनों पर करीब 41 लाख का बकाया हो चुका है। खनन विभाग दोनों को अप्रैल से ही ट्रांजिट पास नहीं दे रहा है।
खनन विभाग की इस जांच से साफ हो गया है कि बहेड़ी में भीकमपुर और नरायन नगला दोनों जगह अवैध खनन हो रहा था। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि बगैर ट्रांजिट पास के खनन करने वाले लोग किस तरह रोजाना तमाम रेत भरे डंपर बाहर भेज रहे थे। पुलिस और प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। अब खनन विभाग इसकी भी जांच कर रहा है कि दोनों पट्टाधारकों ने बगैर रॉयल्टी अदा किए कितना खनन किया है।
अप्रैल के बाद से खनन विभाग क्यों बैठा रहा खामोश
पट्टेधारकों ने अप्रैल से रॉयल्टी जमा ही नहीं की थी तो खनन विभाग के अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश पहले ही क्यों नहीं की कि क्या पट्टेधारक किच्छा नहीं से खनन तो नहीं कर रहे हैं। इससे खनन माफिया के साथ विभागीय स्टाफ की संलिप्तता भी सामने आ रही है। इसी तरह मिट्टी के भी अवैध खनन के मामले सामने आते रहे हैं।
18 फीसदी ब्याज लगाकर जुर्माना लगाने की कार्रवाई
रॉयल्टी जमा न करने पर खनन विभाग पट्टेधारकों पर खनन विभाग 18 फीसदी ब्याज के साथ जुर्माना ठोंकने की तैयार कर रहा है। खनन अधिकारी का कहना है कि रॉयल्टी जमा करने में जितना विलंब होगा, यह ब्याज की धनराशि बढ़ती चली जाएगी।
दोनों ही पट्टेधारकों ने रॉयल्टी जमा नहीं की थी। यह जांच कराई जा रही है कि उन्होंने कितना अवैध खनन किया गया है। उसी आधार पर उन पर जुर्माना लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई होगी। - अनुराग श्रीवास्तव, जिला खनन अधिकारी