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मठ के जीर्णोद्घार को लेकर कुंवरगांव में बवाल

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कुंवरगांव (बदायूं)। बनेई गांव में ग्राम देवता के मठ के जीर्णोद्घार को लेकर शुक्रवार सुबह दो पक्षों में बवाल हो गया। पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों के बीच हुए पथराव में एक दंपती समेत नौ लोग घायल हो गए। पुलिस ने लाठियां फटकारकर लोगों को खदेड़ा। बाद में तनाव को देखते हुए पीएसी और पुलिस तैनात कर दी गई है।
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बनेई के मठ पर जीर्णोद्घार का काम सुबह करीब नौ बजे शुरू हुआ। इसके लिए निर्माण सामग्री एकत्र किए जाने की भनक लगते ही दूसरे पक्ष के लोगों ने फोन से पुलिस को जानकारी दे दी। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष सुधाकर सिंह ने दोनों पक्ष के लोगों से बात शुरू की। इसी दौरान भीड़ में शामिल एक युवक ने गालियां देना शुरू कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया, मगर दोनों पक्ष के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने एक-दूसरे को निशाना बनाकर पथराव करना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने मकान की छतों से ईंट-पत्थर फेंके। मकान के बाहर बैठे सुंदर लाल (64), उनकी पत्नी मुन्नी देवी, कस्तूरी (35) पत्नी मुंशी लाल, सोमवती (42) पत्नी रामपाल समेत नौ लोग घायल हो गए। घायलों में दोनों पक्ष के लोग शामिल हैं।
हालात बिगड़ते देख थानाध्यक्ष ने अफसरों को जानकारी दी। इसके बाद आसपास के थाना वजीरगंज, बिनावर और सिविल लाइंस से फोर्स पहुंची। पीएसी भी आ गई। पुलिस और पीएसी ने लाठियां फटकारकर दोनों पक्ष के लोगों को खदेड़ा। एसपी सिटी जितेंद्र श्रीवास्तव, एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य और सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर भी बाद में गांव पहुंचे और दो घंटे तक गांव में डटे रहे। बाद में फोर्स तैनात कर दिया गया।
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हालात जानते हुए भी प्रशासन की लापरवाही से हुई घटना
कुंवरगांव। ग्राम देवता के मंदिर मठ के जीर्णोद्घार के लिए पांच दिन पहले संबंधित लोग थानाध्यक्ष सुधाकर सिंह से मिले थे। मामला काफी पुराना होने के कारण पुलिस दूसरे पक्ष के विरोध को भी समझती थी, इसलिए गांव जाकर दोनों पक्षों से बात करके फिलहाल निर्माण कार्य न करने के लिए कह दिया था। पुलिस का कहना था कि ईद के बाद मामले को निपटाया जाएगा। एसडीएम सदर और सीओ सिटी ने भी दोनों पक्ष के लोगों से बात कर ली थी। निर्माण की कोशिश करने वालों से भी कहा गया था कि फिलहाल वे शांत रहें। इसके बावजूद मठ के जीर्णोद्घार को अंदरूनी कोशिश जारी रही। यह बात भी पुलिस को एक दिन पहले पता चल गई थी। इसके बावजूद गांव में फोर्स तैनात नहीं की गई और शुक्रवार को निर्माण कार्य शुरू होते ही दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया।

जीर्णोद्घार पर लगा ब्रेक, लोगों में दहशत
पथराव और हंगामा के बाद जीर्णोद्घार की कोशिश पर ब्रेक लग गया है, लेकिन थानाध्यक्ष सुधाकर सिंह ने लोगों से कहा है कि दोनों पक्ष की सहमति होने तक किसी तरह का निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। यही बात उन्होंने मौके पर पहुंचते ही दोनों पक्ष के लोगों से कही थी, लेकिन उत्तेजित लोगों ने गौर नहीं किया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो बवाल में दोनों पक्ष के लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
निजी अस्पतालों में कराया इलाज
घायलों में से किसी ने सरकारी अस्पताल में मेडिकल नहीं कराया। घायलों में से कुछ लोग तो निजी क्लीनिक पर इलाज कराके रिश्तेदारियों में चले गए हैं। कारण यही कि पुलिस तक पहुंचने से बवालियों के रूप में उनका नाम चढ़ जाता।

बात कोई खास नहीं थी। एक पक्ष के लोगों से पहले ही कह दिया गया था कि कोई नया निर्माण नहीं करें लेकिन बेवजह बात बिगड़ गई। पथराव में कोई घायल नहीं हुआ है, होता तो थाने जरुर आता। दोनों पक्ष के लोगों आपस में सुलह की कोशिश भी शुरू कर दी है।
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- राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ सिटी।
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